कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए उसे “राष्ट्रीय सरेंडर संघ” करार दिया। उन्होंने कहा कि संघ का “असली चेहरा” अब सामने आ गया है।
राम माधव के बयान से विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब RSS नेता राम माधव ने वॉशिंगटन डीसी में एक पैनल चर्चा के दौरान भारत की ऊर्जा और व्यापार नीतियों पर टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि भारत ने आलोचनाओं के बावजूद रूस और ईरान से तेल खरीद को लेकर समझौता किया और टैरिफ मुद्दों पर भी सहमति जताई।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा
राम माधव ने हडसन इंस्टीट्यूट के “न्यू इंडिया” सम्मेलन में राजदूत कर्ट कैंपबेल और एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड के साथ “अमेरिका-भारत संबंध” विषय पर बातचीत की।
राहुल गांधी का तंज
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा— “नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद और अमेरिका में चाटुकारिता।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राम माधव के बयान ने RSS की सोच को उजागर कर दिया है।
राम माधव की सफाई
विवाद बढ़ने पर राम माधव ने अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके कुछ बयान तथ्यात्मक रूप से गलत थे।
उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल आयात बंद करने पर कभी सहमति नहीं दी और 50% टैरिफ का भी विरोध किया है।
सरकार की स्थिति स्पष्ट
सरकार ने पहले ही साफ किया था कि भारत के पास कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित बाधाओं की स्थिति में अन्य स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने की योजना भी तैयार है।
सियासी बयानबाज़ी तेज
इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस RSS पर हमलावर है, तो दूसरी ओर सफाई और स्पष्टीकरण का दौर जारी है।