YOU MUST GROW INDIA MUST GROW

National Thoughts

A Web Portal Of  Positive Journalism

Adequate stock of food grains is available to meet the needs of the country

देश की जरूरतों को पूरा करने के लिये अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

Share This Post

50% LikesVS
50% Dislikes

नई दिल्ली,न्यूज़ डेस्क (नेशनल थॉटस) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अतिरिक्त आवंटन के लिये भारत सरकार के पास केंद्रीय पूल में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। एक जनवरी, 2023 को लगभग 159 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 104 एलएमटी चावल उपलब्ध हो जायेगा। याद रहे कि प्रत्येक वर्ष की पहली जनवरी को 138 एलएमटी गेहूं और 76 एलएमटी चावल का भंडारण होना जरूरी होता है। इस बार यह उससे कहीं अधिक है। केंद्रीय पूल में 15 दिसंबर, 2022 को लगभग 180 एलएमटी गेहूं और 111 एलएमटी चावल की उपलब्धता दर्ज की गई।

केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल के  पैमाने :
एक आवश्यक नियम के तहत प्रत्येक वर्ष की एक अप्रैल, एक जुलाई, एक अक्टूबर और एक जनवरी को अनाज का एक तयशुदा भंडार मौजूद होना जरूरी है। केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल का भंडार हमेशा इस आवश्यक पैमाने से अधिक रहा है। एक अक्टूबर को 205 एलएमटी गेहूं और 103 एलएमटी चावल का बफर स्टॉक रखने का नियम है, जबकि एक अक्टूबर, 2022 को लगभग 227 एलएमटी गेहूं और 205 एलएमटी चावल का भंडारण दर्ज किया गया। एक जनवरी, 2023 को भी पर्याप्त मात्रा में अनाज उपलब्ध रहेगा, जो एक जनवरी के आवश्यक बफर स्टॉक से काफी अधिक होगा।

भारत सरकार कीमतों की नियमित निगरानी कर रही है :

भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं के एमएसपी को बढ़ाया है। उल्लेखनीय है कि आरएमएस 2022-23 के लिये पिछले वर्ष गेहूं का एमएसपी 2015 रुपये/कुंतल था, जो अब बढ़ाकर 2125 रुपये/कुंतल कर दिया गया है। इस तरह एमएसपी में 110 रुपये/कुंतल की बढ़ोतरी के साथ-साथ अच्छे मौसमी हालात भी पैदा हुये, जिनके कारण यह आशा की जाती है कि अगले वर्ष के दौरान गेहूं का उत्पादन व खरीद सामान्य रहेगी। अगले वर्ष गेहूं की खरीद अप्रैल 2023 से आरंभ होगी। शुरुआती मूल्यांकन के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गेहूं की बुवाई में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई है। 

खबरें और भी है