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Holistic Health Tips, Arogya Sevak - Mukesh Babu Gupta

होलिस्टिक हेल्थ टिप्स,आरोग्य सेवक- मुकेश बाबू गुप्ता

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सर्वाइक्ल

“गर्दन में दर्द के साथ साथ मासपेशियो मे अकड़न आ जाती है । कई बार यह दर्द तेजी से कंधो और सिर की और फैलता है । कई करीजो मे वह दर्द पीठ मे और कंधो से होकर हाथो और उंगलियो तक भी फैल जाता है ।
सिर के पिछले हिस्से मे दर्द होता है । वह दर्द कभी गर्दन के निचले हिस्से तक या शीर्ष तक फैलता है ।
बगैर किसी घोट के गर्दन, कन्धे और सनसनी होना यह कुछ अन्य लक्षण है ।
कभी कभी असामान्य लक्षण उभरते है जेसे कि छाती मे दर्द होना और मरीज इस दर्द को कभी कभी गलती मे हृदय का दर्द मान लेता है ।
जाच के वक्त पाए जाने वाले चिन्ह :

》 गर्दन को घुमाने की क्षमता कम हो जाती है ।
》गर्दन की मासपेशियों में अकड़न रहती है ।
》गर्दन और हाथो की मांसपेशियो में कमजोरी और असामान्य इन्द्रियज्ञान होता है ।

रोग के कारण
》सर्वाइक्ल स्पान्डिलाइटस रीढ़की हड्डी, हड्डियो के बीच के जोड़ और गद्दी मे घिसाव आने से होता है । ज्यादातर यह बदलाव ४० वर्ष से ज्यादा उम्रवाले व्यक्तियों में पाए जाते है ।
निम्नलिखित काररो से सर्वाइकल स्पान्डिलाइटस होने की संभावना बढ़सकती है :
व्यवसाय संबंधितकारण:- सिर पर बार बार भारी वजन उठाना, नृत्य करना कसरत करना (Gymnastics)
कई परिवारों मे सर्वाइकल स्पान्डिलाइटस होने कि प्रवृति होती है । आनुवंशिक कारण की उपेक्षा नही की जा सकती ।
》धूम्रपान से भी खतरा होता है।
》जन्मजात काररो से भी खतरा रहता है । उधाहरण: Down Syndrome, Cerebral palsy, Congenital fused spine इत्यादि ।
》लगातर सिर झुकाकर या गर्दन झुकाकर काम करना ।
एक ही स्थान पर बैठकर लगातर काम करना उदहारण कम्प्युटर के स्क्रीन/पदें को लगातर ताकना ।
》लंबी दूरी का प्रवास करना

 

निरोग हेल्थ केयर
“आरोग्य सेवक और मित्र “
मुकेश बाबू गुप्ता
-:संपर्क करे:-9560355455

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