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Holistic Health Tips, Arogya Sevak - Mukesh Babu Gupta

होलिस्टिक हेल्थ टिप्स , आरोग्य सेवक – मुकेश बाबू गुप्ता

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किडनी स्टोन

किडनी हमारे शरीर में होने वाले उपापचय (Metabolism) की प्रक्रिया के कारण बनने वाले अपशिष्ट पदार्थों (Waste Materials) को बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन शरीर में पानी की कमी और खान पान में विशेष ध्यान न देने की वजह से किडनी स्टोन की समस्या सामने आती है। किडनी स्टोन होने पर हमें अपने खान पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। अपने आहार में बदलाव करके हम कई बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं। 》पथरी होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।

》सोडियम का सेवन कम से कम करे
》एनिमल प्रोटीन न खाएं
》कैल्शियम का सेवन करें

किडनी स्टोन के प्रकार

1. यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone) — भोजन के उपापचय के बाद यूरिक एसिड एक वेस्ट प्रोडक्ट (Waste Product) के रूप में पैदा होता है। जो गठिया जैसे रोग और किडनी स्टोन का कारण बनता है। प्यूरिन (Purine) का अधिक मात्रा में सेवन करने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ती है। जब यूरिक एसिड का जमाव किडनी में होने लगता है तब यूरिक एसिड स्टोन का निर्माण होने लगता है।

2. कैल्शियम स्टोन (Calcium Stone) — भोजन में मौजूद कैल्शियम ऑक्जेलिक एसिड (Oxalic Acid), मेलिक एसिड (Malic Acid) और फास्फोरिक एसिड (Phosphoric Acid) के साथ रिएक्शन करने से कैल्शियम ऑक्सलेट (Calcium Oxalate), कैल्शियम मेलिएट (Calcium Maleate) और कैल्शियम फॉस्फेट (Calcium Phosphate) के स्टोन किडनी में बनते हैं। इसमें सबसे ज्यादा होने वाली पथरी कैल्शियम ऑक्सलेट है। इसके अलावा, कैल्शियम फॉस्फेट और कैल्शियम मेलिएट की पथरी भी हो सकती है।

3. सिस्टीन स्टोन (Cystine Stone) — सिस्टीन एक तरह की एसिड है जिसका जन्म किडनी से होता है और यह भी किडनी स्टोन का कारण बनती है।

4. स्ट्रूवाइट स्टोन (Struvite Stones) — किडनी या मूत्र मार्ग (Urinary Tract) में बैक्टीरियल संक्रमण होने पर इस स्टोन की समस्या होती है। इस प्रकार के स्टोन पेशाब के समय दर्द और रूकावट का कारण बनते हैं।

कैल्शियम ऑक्सलेट या कैल्शियम फॉस्फेट होने पर इन सावधानियों को बरतें

कैल्शियम ऑक्सलेट और कैल्शियम फॉस्फेट के इलाज के लिए अगर किसी प्रकार की थेरेपी (Therapy) या सामान्य दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। नीचे बताई गई सावधानियों पर ध्यान दें।

• जो खाद्य पदार्थ आप खा रहे हैं उसमें सोडियम की कितनी मात्रा है इसका सही पता लगाएं। अगर भोजन में 5% सोडियम मौजूद है तो वह खाने लायक है और अगर सोडियम की मात्रा 20% है तो उस आहार का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर किसी खाद्य पदार्थ में 20% या इससे अधिक सोडियम है तो उसका सेवन करने से पथरी बढ़ना कि अधिक संभावना होती है।
• फास्ट फूड और पैक्ड फूड न खाएं। पैक्ड सब्जियां और सूप का सेवन भी न करें। क्योंकि पैक्ड की गई चीजों को अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए सोडियम का इस्तेमाल किया जाता है।

• दिन भर में आप किस तरह कि चीजों का सेवन करते हैं, इसकी एक लिस्ट बनाएं। अगर आपके डाइट में ऐसे आहार शामिल हैं जिनसे पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है तो उनका सेवन न करें। आप दिन भर में कितना सोडियम खा रहे हैं, इसे नोट करते रहें और किसी तरह कि कोई समस्या होने पर अपने डॉक्टर से मिलकर बात करें I

निरोग हेल्थ केयर
“आरोग्य सेवक और मित्र “
मुकेश बाबू गुप्ता
-:संपर्क करे:-9560355455

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