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Holistic Health Tips, Arogya Sevak - Mukesh Babu Gupta

होलिस्टिक हेल्थ टिप्स,आरोग्य सेवक- मुकेश बाबू गुप्ता

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माइग्रेन में क्या खाएं, क्या नहीं खाना चाहिए और परहेज

माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है। सामान्य सिरदर्द की तुलना में माइग्रेन में होने वाला सिरदर्द बहुत ज्यादा तकलीफदेह होता है।हांलाकि, माइग्रेन कि समस्या को खाने-पीने के माध्यम से कम किया जा सकता है। इसलिए माइग्रेन के मरीजों को यह जानना बहुत जरूरी होता है कि माइग्रेन की समस्या में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा माइग्रेन रोगियों को इसके परहेज के बारे में भी पता होना चाहिए।

माइग्रेन में क्या खाना चाहिए

》 माइग्रेन में खाएं सब्जियां
सब्जी और फलिओं के पोधों में एस्ट्रोजेन होता है। इसके अलावा मानव शरीर प्राकृतिक रूप से ऐस्ट्रोजेन का निर्माण भी करता है, सब्जियों और फलियों से प्राप्त ऐस्ट्रोजेन शरीर में निर्मित एस्ट्रोजेन के प्रभाव को खत्म कर देते हैं। यह उन महिलाओं के लिए मददगार साबित होता है, जिन्हे मासिक धर्म कै दौरान माइग्रेन होता है। इसके अलावा सब्जियों में बहुत कम मात्रा में वसा होती है। जब आप कम फैट खाते हैं, तो आपका शरीर कम एस्ट्रोजेन का निर्माण करता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
》 माइग्रेन में खाने चाहिए फल
फलों में बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होते हैं। इसलिए माइग्रेन की समस्या में फल खाएं। इसके अलावा फलों के पौधों में भी ऐस्ट्रोजेन पाया जाता है, जो आपके शरीर के द्वारा बनाए गए ऐस्ट्रोजेन के प्रभाव को खत्म करता है।
》 माइग्रेन में खाएं मछली
रावस (जिसे “इंडियन सैल्मन” भी कहा जाता है) और बांगड़ा (जिसे “इंडियन मैकरेल” भी कहा जाता है) जैसी मछलियों को खाने से माइग्रेन को कम करने में मदद मिलती है। यह मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत अच्छा स्त्रोत हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने वाला यौगिक है। अमरीका के “सिनसिनाटी विश्वविद्यालय” में हुए शोध के अनुसार, माइग्रेन के कुछ मरीजों को 6 सप्ताह तक ओमेगा-3 फैटी एसिड का पूरक आहार खाने को दिया गया। 6 हफ्ते बाद उन लोगों में माइग्रेन से राहत देखी गई।
》 माइग्रेन के दर्द में खाना चाहिए अदरक
अदरक में कुछ ऐसे शक्तिशाली यौगिक होते हैं, जो सूजन को कम करने वाले दवाई की तरह काम करते हैं। यह सूजन को बढ़ाने वाले पदार्थ प्रोस्टाग्लैंडीन को रोकते हैं। अदरक माइग्रेन की वजह से होने वाली उल्टी को नियंत्रित करने में मदद करता है।
》 माइग्रेन में मैगनीशियम युक्त आहार खाएं
साबुत अनाज, बीन्स और हरी पत्तीदार सब्जियों में बहुत अधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। इन्हें खाना माइग्रेन के रोगियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। मैग्नीशियम के अलावा इनमें बहुत अधिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। जब आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तब आपका दिमाग माइग्रेन के लिए अधिक संवेदनशील हो जाता है।

माइग्रेन में क्या न खाएं और परहेज – What not to eat in migraine in Hindi

》 माइग्रेन में कैफीन युक्त पेय न पीएं
कैफीन माइग्रेन में नुकसानदायक है। इसलिए अधिक कैफीन युक्त पेय जैसे कॉफी और चाय न पीएं और चॉकलेट भी न खाएं, यह माइग्रेन को बढ़ाते हैं। हालांकि, अमेरिकी माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार, कॉपी शुरूआती माइग्रेन को रोकने में मदद करता है।
》 माइग्रेन में न खाएं कृतिम स्वीटनर
कई प्रोसेस्ड फूड में कृत्रिम स्वीटनर होता है। इस प्रकार के खाद्य पदार्थों में मधुमेह के रोगियों के लिए चीनी की जगह पर कृत्रिम स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस प्रकार के स्वीटनर से माइग्रेन की समस्या बढ़ती है। कृत्रिम स्‍वीटनर को एसपारटेम न्‍यूट्रास्‍वीट के रूप में जाना जाता है, जो माइग्रेन को बढ़ाने का काम करता है।
》 माइग्रेन में शराब नहीं पीएं
शराब, माइग्रेन को बढ़ाने वाले पेय पदार्थों में से एक प्रमुख पेय पदार्थ है। जो लोग माइग्रेन के मरीज हैं, उनमे से 25% लोगों को शराब प्रभावित करता है। इसके अलावा शराब पीने से आपके शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे आपको सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है।
》 माइग्रेन में चॉकलेट नहीं खानी चाहिए
शराब के बाद चॉकलेट माइग्रेन को सबसे अधिक बढ़ाने का काम करता है। जिन लोगों को माइग्रेन होता है, उनमें से 22% लोगों को चॉकलेट प्रभावित करता है। इसके अलावा चॉकलेट में कैफीन भी होता है, जिससे कुछ लोगों में सिरदर्द का भी कारण बनता है।
》 माइग्रेन में कई दिनों से बना हुआ पनीर न खाएं
अधिक दिनों से बने हुए पनीर या चीज़ में टाइरमीन (Tyramine) नामक तत्व बनने लगता है। यह तब बनता है, जब पनीर अधिक दिनों का हो जाता है और उसमें मौजूद प्रोटीन टूटने लगता है। जब पनीर अधिक दिनों का हो जाता है, तब उसमें टाइरमीन की मात्रा अधिक हो जाती है और यह माइग्रेन को बढ़ाने का काम करता है।
》 माइग्रेन में न खाएं अधिक नमक वाले आहार
अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ और खासकर ऐसे प्रोसेस्ड फूड जिन्हें बनाने में अधिक नमक का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार के खाद्य पदार्थ माइग्रेन को बढ़ाते हैं। इसके अलावा अधिक सोडियम खाने से ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है, जिससे सिरदर्द की परेशानी या माइग्रेन होता है।
》 माइग्रेन में एमएसजी वाले आहार नहीं खाएं
मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी), ग्लूटॉमिक एसिड होता है, जो प्राकृतिक रूप से मानव शरीर में पाया जाता है। इसके अलावा यह एसिड कई खाद्य पदार्थों में भी मौजूद होता है। हालांकि, यह नुकसानदायक नहीं है लेकिन यह माइग्रेन को प्रभावित करता है

निरोग हेल्थ केयर
“आरोग्य सेवक और मित्र “
मुकेश बाबू गुप्ता
-:संपर्क करे:-9560355455

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