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Increasing pollution in Delhi is becoming a hindrance in attracting migratory birds to India: Environmentalist Dr. Fayaz Ahmad Khudsar

दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण प्रवासी पक्षियों को भारत की ओर आकर्षित करने में बाधा बन रहा है : पर्यावरणविद डॉ फैयाज अहमद खुदसर

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नॉर्थ दिल्ली,पर्यावरणविद डॉ फैयाज अहमद खुदसर (नेशनल थॉटस): दिल्ली में बढ़ती ठंड के साथ हर साल प्रवासी पक्षियों का आना शुरू होता है। दिल्ली के जगतपुर गांव स्थित यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क 300 एकड़ में फैला हुआ है और पार्क में बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं । चिंता की बात यह है कि इस बार यमुना किनारे विदेशी पक्षियों की संख्या कम है । चाइना, यूरोप, अफगानिस्तान, सेंट्रल एशिया, साइबेरिया और मंगोलिया आदि देशों से आने वाले प्रवासी पक्षी इस बार पूरी संख्या में दिल्ली नहीं पहुंचे हैं । दिल्ली की यमुना नदी में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही तरह के पक्षी हर साल प्रवास करते हैं और यमुना का किनारा इनके प्रवास का प्रमुख केंद्र है ।
 
इस बार भारत में प्रवासी पक्षियों की संख्या कम है : 
जगतपुर गांव स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के इंचार्ज डॉ फैयाज अहमद खुदसर ने बताया कि आम आमतौर पर सर्दियों के मौसम में अक्टूबर से मार्च महीने तक प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में भारत में प्रवास करते हैं । यमुना नदी और उसके आसपास का इलाका इनके प्रवास का मुख्य केंद्र है, लेकिन इस बार प्रवासी पक्षियों की संख्या भारत में कम है । उम्मीद है कि 15 जनवरी के बाद तक बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी भारत में प्रवास करने के लिए आएंगे ।
आमतौर पर 30 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां सेंट्रल एशिया, चाइना, मंगोलिया, साइबेरिया, यूरोप और अफगानिस्तान आदि देशों से यहां पर आते हैं । मुख्य बात यह है कि इस दौरान कोई भी प्रवासी पक्षी भारत में प्रजनन नहीं करता, क्योंकि इन्हें यहां पर अनुकूल वातावरण नहीं मिलता । भारत में प्रवास करने के पीछे प्रवासी पक्षियों की वजह है कि जब ठंडे देशों में पूरी तरह से बर्फ जमने लगती है, तो सभी प्रवासी पक्षी भारत की ओर अपना रुख करते हैं ।हजारो मील उड़ान भरने के बाद जिन जिन इलाकों में उन्हें अनुकूलित वातावरण मिलता है, सभी वहां पर रहते हैं और उन्हें पर्याप्त मात्रा में भोजन भी मिलता है ।
 
 उम्मीद है कि 15 जनवरी तक प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में भारत का रुख करेंगे : 
पर्यावरणविद ने बताया कि जिन देशों से पक्षी प्रवास करने के लिये भारत का रुख करते है, उन देशों के वातावरण में कुछ तब्दीली हुई है जिस कारण प्रवासी पक्षियों ने भारत की ओर रोक कम किया है । राजस्थान के कई इलाकों में भी अनुकूलित वातावरण मिलने की वजह से दिल्ली में भी प्रवासी पक्षियों की संख्या में कमी आई है, लेकिन उम्मीद है कि 15 जनवरी तक प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में भारत का रुख करेंगे । भारत में आमतौर पर 30 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां भारत में आती हैं ।
भारतीय पक्षियों की बात करें तो करीब 200 से ज्यादा प्रजातियां भी इस दौरान यमुना क्षेत्र के आसपास देखी जा सकती हैं । भारत में प्रवासी पक्षियों की आने वाली मुख्य प्रजातियां हैं रेड परिचार्ड, रेड फोस्टर, नॉर्दन छलावर और रिवर गल्स है । रिवर गल्स खासतौर से ओखला बैराज के आसपास देखे जाते हैं, यह इनकी पसंदीदा जगह है ।
 
लगातार पर्यावरण में तब्दीली और दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण प्रवासी पक्षियों के लिए बाधा :
 
बता दें कि दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण भी पक्षियों के प्रवास में बाधा बन रहा है । जब इस बारे में डॉ फैयाज अहमद खुदसर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस पर शोध करने की जरूरत है । अभी तक ऐसे कोई तथ्य सामने नहीं आये है की प्रदूषण भी प्रवासी पक्षियों की राह में बाधक साबित हो रहा है ।
पिछले सालों के मुकाबले इस साल दिल्ली ज्यादा प्रदूषित है, जिस कारण दिल्ली में यमुना और उसके आसपास के क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की संख्या कम दिखाई दे रही है । यह चिंता का विषय है कि लगातार पर्यावरण में तब्दीली और दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण प्रवासी पक्षियों को भारत की ओर आकर्षित करने में बाधा बन रहा है । इस पर पर्यावरण विदों को गहन चिंतन करने की जरूरत है ।

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