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Hartalika Teej 2021: Know what is its importance for married women

Hartalika Teej 2021 : जानें क्या है इसका सुहागन स्त्रियों के लिए महत्व

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आइए जानते है हरतालिका व्रत के महत्व के बारे में  
 
भारतीय परंपराएं और त्योहार ही है जो हमें बाकी देशों की संस्कृति से अलग बनाते है | इस त्योहार खासकर महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में सुख एवं शांति व सौभाग्य को बढ़ाने के लिए नित पूजा व व्रत रखती है | सुहागन महिलायें हर साल हरतालिका व्रत रखती है | हर साल भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को सुहागन स्त्रियों द्वारा निर्जल रहकर व्रत किया जाता है।
 
पार्वती पूजन है विशेष 
हरतालिका व्रत की तैयारियां भी महिलाएं कई दिन पहले से करना प्रारंभ कर देती हैं। यही वजह है कि राजधानी के बाजारों में जमकर महिलाओं ने खरीदारी की है। मालूम हो कि महिलाएं इस व्रत के लिए सोलह श्रृंगार कर मां पार्वती का पूजन करती हैं।
 
सुहागन महिलाएं पति की लंबी उम्र मांगने के लिए रखती है व्रत
इस त्यौहार को खास बनाने के लिए महिलाओं द्वारा अपने हाथों पर मेहंदी लगवाई जाती है व हरी व लाल चूड़ियां पहनती है | जहां सुहागिन स्त्रियां इस व्रत को अपने पति की लंबी उम्र मांगने के लिए करती हैं। वहीं कुंवारी लडकियां अच्छे वर की कामना से इस व्रत को रखती हैं। खासकर यह व्रत पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश में मनाया जाता है।

कैसे होती है भगवान की पूजा – अर्चना 


शिव-पार्वती की मिट्टी से बनी प्रतिमा की पूजा हरतालिका तीज के दिन की जाती है। महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नहाकर पूरा श्रृंगार करती हैं। केले के मंडप में मां पार्वती व शिव की प्रतिमा को सजाया जाता है | इसके बाद शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनी जाती है। व्रत के दौरान बिस्तर पर नहीं सोना होता है और निर्जला रहना पड़ता है।
 

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