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Narendra Giri Suicide Case: Lawyer claims about will

Narendra Giri Suicide Case : वसीयत को लेकर वकील ने किया दावा

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जानिए स्वामित्व की लड़ाई में किसका नाम ऊपर 
 
न्यूज डेस्क : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु हो गई है | सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव मिला | जिसके बाद पुलिस द्वारा आत्महत्या का केस दर्ज किया गया है | महंत जी की मौत के बाद अब अगले उत्तराधिकारी की बहस शुरू हो गई है |
 
2020 में ही इनको बनाया उत्तराधिकारी 
 
वकील ऋषि शंकर द्विवेदी ने दावा किया है कि महंत दिवंगत नरेंद्र गिरि ने मरने से पहले अपने मठ की अंतिम वसीयत बलवीर गिरि के नाम लिखी थी। महंत गिरी के कथित सुसाइड नोट में भी यह लिखा हुआ है | महंत की तरफ से तीन वसीयतें लिखी गई थीं। आखिरी वसीयत 4 जून, 2020 को बलवीर गिरि के नाम लिखी गई थी | 
महंत के वकील द्विवेदी ने किया दावा 

उत्तराधिकारी के निर्णय में अखाड़ा की भूमिका पर उन्होंने कहा, बाघंबरी गद्दी का इतिहास और मठ के संविधान के मुताबिक, वसीयत से बनने वाला उत्तराधिकारी ही मान्य होगा। महंत जी के पास मूल कागजात थे और बाकी मेरे पास जो है, उसे मैं उपलब्ध करा सकता हूं।’’ 

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