पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान मंगलवार को मतदान के दिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर को वोट डालने के तुरंत बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन पर मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
वहीं, वोट डालने के बाद हुमायूं कबीर ने पुलिस पर मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार पहले से सत्ता में है, तो चुनावी प्रक्रिया में इस तरह की दखलअंदाजी की जरूरत क्यों है।
पुलिस पर वोटिंग में दखल का आरोप
कबीर ने दावा किया कि पुलिस कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन उनके अनुसार पुलिस चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है।
उन्होंने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान मतदान शांतिपूर्ण रहा था और किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत सामने नहीं आई थी। कबीर ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में पुलिस की कार्रवाई बढ़ी है और पुलिसकर्मियों पर हमले तथा अत्याचार के आरोप भी लगाए।
64 लोगों को हिरासत में लेने का दावा
हुमायूं कबीर ने दावा किया कि पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के सिलसिले में करीब 64 लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने पुलिस से स्थिति को शांत करने और पीछे हटने की अपील भी की।
इन बयानों के बाद पुलिस ने कबीर को गिरफ्तार कर रेजीनगर थाने ले गई। उनकी गिरफ्तारी की तत्काल विस्तृत वजह और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर उस समय स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी।
क्यों हो रहा है रेजीनगर में उपचुनाव?
रेजीनगर विधानसभा सीट हुमायूं कबीर के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। कबीर को पहले तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किया गया था और बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) का गठन किया।
बाद में कबीर ने नौदा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर वहां से प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया। इसके बाद उनकी पार्टी ने रेजीनगर सीट से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया।
उपचुनाव पर सभी की नजर
रेजीनगर समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दलों और उम्मीदवारों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में रेजीनगर सीट पर मतदान के दौरान हुआ यह घटनाक्रम चुनावी माहौल में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।







