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दक्षिणी दिल्ली मर्डर केस: मोहबत की परवान चढी श्रद्धा , आरोपी ने किसी हॉरर मूवी की तरह की हत्या

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न्यूज डेस्क (नेशनल थॉट्स) : मोहब्बत जब खुदगरजी  में बदल जाए तो वो किसी भी रिश्ते की परवाह नहीं करती। ऐसा ही वाक्या दक्षिण दिल्ली में घटित हुआ, जो किसी हॉरर मूवी से कम नहीं है, जिसमें आरोपी ने शव को हॉरर मूवी की तरह निपटाने की साजिश रची। पढ़िए क्या है पुरी खबर …….

     

दक्षिण दिल्ली के महरौली में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 28 वर्षीय युवक आफताब अमीन पूनावाला ने 26 वर्षीय युवती श्रद्धा वालकर की हत्या कर उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर दिए। साल 2020 में कोरोना महामारी में श्रद्धा की मां की मौत हो गई।14 सितंबर 2022 को श्रद्धा के भाई श्रीजय विकास वालकर को उसके एक दोस्त लक्ष्मण नाडर ने फोन कर बताया कि उसका फोन पिछले 2 महीने से बंद आ रहा है।  इसके बाद पिता ने 6 अक्टूबर 2022 को वसई के माणिकपुर थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
डेटिंग एप के जरिए हुई दोस्ती :
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि श्रद्धा मलाड़, मुंबई में रहती थी और आफताब भी मुंबई का रहने वाला है। दोनों की बोंबल डेटिंग एप के जरिए दोस्ती हुई थी। जल्द ही दोनों में प्यार हो गया और मुंबई में सहमति संबंधों में रहने लगे।
पिता के मना करने पर भी लिव-इन पार्टनर शिप में रही :
मां की मृत्यु के बाद 15 दिन के लिए अपने घर आई थी।पिता ने बताया की उसकी पत्नी ने बहुत समझाया था। कहा कि, हम हिंदू और लड़का मुसलमान है। फिर भी वह नहीं मानी।उसके पिता ने भी उससे आफताब का साथ छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह यह कहकर दिल्ली चली गई कि उसे उत्तर भारत घूमने जाना है।उस समय पिता के मना करने पर श्रद्धा ने जवाब दिया था कि मैं 25 साल की हो गई हूं और मुझे अपने जीवन के बारे में फैसले लेने का पूरा अधिकार है। यह कहकर घर से निकल गई थी। उसके बाद फिर वह मुंबई नहीं लौटी। दिल्ली जाने से पहले वह माता-पिता के विरोध के बावजूद आफताब अमीन पूनावाला के साथ लिव इन पार्टनरशिप में रहने चली गई थी। श्रद्धा ने बात नहीं मानी थी। जिस वजह से उसके पिता ने कई महीनों तक उससे बात नहीं की।
श्रद्धा वालकर को मारने की वजह :
पहले दोनों वसई के करीब नायगांव में रह रहे थे। उसके बाद दिल्ली चले गए। श्रद्धा का बचपन वसई के संस्कृति अपार्टमेंट में बीता। साल 2019 में वह मलाड स्थित एक कॉल सेंटर में काम करती थी। यहीं पर आफताब पुनावाला से उसके प्रेम संबंध बने। कुछ समय बाद ही इनमें झगड़ा हो गया। ये एक-दूसरे पर संदेह करते थे। इस कारण इनमें झगड़ा होता रहता था। इनको लगा कि वह बाहर घूमने जाएंगे तो सब ठीक हो जाएगा। ये हिमाचल प्रदेश घूमने के बाद दिल्ली आ गए। 15 मई को इन्होंने छतरपुर, महरौली में किराए पर कमरा लिया। तीसरे दिन ही 18 मई को इनमें झगड़ा हो गया और आफताब ने एक हाथ से श्रद्धा का मुंह दबाया। जब श्रद्धा चिल्लाने लगी तो आरोपी ने दूसरे हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। 
 
हत्या कर शव के किए 35 टुकड़े :
आरोपी ने शव के 35 टुकड़े घर के बाथरूम में किए और टुकड़ों को धोकर पॉलिथीन में पैक कर फ्रीज में रख दिया।आरोपी फ्रिज के साइड वाले गेट पर खाने-पीने का सामान रखता था। जबकि उसके अंदर उसने शव के टुकड़े रखे हुए थे। फ्रिज में कोल्ड ड्रिंक, पानी, बटर, पेप्सी व दूध आदि सामान रखा हुआ था। आरोपी फ्रिज से हर रोज फ्रिज से खाने-पीने का सामान निकालता था। हालांकि वह खाने का सामान ऑनलाइन मंगाता रहा। वह पिट्टू बैग में शव एक टुकड़े को रखता था और जंगल में फेंक कर आता। इस तरह वह करीब 22 दिन शव के टुकड़ों को फेंकता रहा। वह 22 दिनों तक शव के साथ घर में रहा। वह हर रात दो बजे टुकड़ों को महरौली के जंगलों में फेंकने जाता था।
 
10 जून तक इंस्टाग्राम चलाता रहा :
आरोपी आफताब को पता था कि शव को घर में रखने से बदबू आएगी। इस कारण वह घर में हमेशा अगरबत्ती जलाकर रखता था। इसके अलावा उसे रूम फ्रेशनर भी इस्तेमाल करता था। इस तरह उसने करीब 22 दिन में काफी रूम फ्रेशनर खाली कर दिए थे।इंस्टाग्राम पर उसका पर्सनल अकाउंट द हंगरी छोकरों के नाम से हैं। जब उसका फूड ब्लॉग इंस्टाग्राम पर दा हंगरी एस्केपेड्स नाम से है। अपने पर्सनल ब्लॉग पर उसने आखिरी फोटो 3 मार्च, 2019 को पोस्ट की थी। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आफताब ने पूछताछ में खुलासा किया है कि श्रद्धा के बारे में कोई संदेह न हो, इसके लिए वह दस दिन तक उसका इंस्टाग्राम चलाता रहा।अगर मृतक का कोई दोस्त उसे मैसेज भेजता था तो वह उसका जवाब भी देता था। 10 जून के बाद उसने मृतका का इंस्टाग्राम व मोबाइल बंद कर दिया था। इसके बाद श्रद्धा के दोस्तों को उसकी चिंता सताने लगी थी।
 
आरोपी से पुलिस की पूछताछ :
14 सितंबर 2022 को श्रद्धा के भाई श्रीजय विकास वालकर को उसके एक दोस्त लक्ष्मण नाडर ने फोन कर बताया कि उसका फोन पिछले 2 महीने से बंद आ रहा है।  इसके बाद पिता ने 6 अक्टूबर 2022 को वसई के माणिकपुर थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। महरौली पुलिस ने करीब छह महीने बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर मामला का सनसनीखेज खुलासा किया।आफताब पुलिस को ये कहकर गुमराह करता रहा कि झगड़ा होने के बाद श्रद्धा छोड़कर चली गई है। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। उसने बताया की शव को ठिकाने लगाने का आइडिया विदेशी क्राइम सीरियल डेक्सटर से आया था। आफताब को किसी तरह का पछतावा नहीं है।

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