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There is no guru greater than experience, no one is greater than a guru

अनुभव से बड़ा कोई गुरु नहीं होता, गुरु से बड़ा ना कोई

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नेशनल थॉट्स ब्यूरो : भारत में हिंदी कहानियों को लेकर लोगों में उत्साह होता है | हल्बी घरों में बुजुर्ग लोगों द्वारा अपने बच्चों, अन्य जनों को कहानी सुनाई जाती है | इन कहानियों से हमें बहुत बड़ी सीख मिलती है | ऐसी कहानी है एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार की उसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी | एक बारी प्रदेश के राजा ने उसे दरबार में आमंत्रित किया और खुद का चित्र बनाने को कहा | चित्रकार अपनी कला को लेकर बहुत सजग होते हैं | चित्रकारों को चित्र बनाते समय एक भी गलती पूरा चित्र खराब कर सकती है |

                       जैसे ही वह चित्रकार राजा का चित्र बनाने लगा तो वह असमंजस में पड़ गया क्योंकि राजा एक आँख से काना था | अब वह अगर असली चित्र बनाता है तो राजा को अच्छा नहीं लगने की दशा में उसे मौत की सजा दे देता | अगर दोनों आंखें सही बनाता है तो गलत चित्र बनाने की वजह से भी मौत की सजा होती। अगर वो नहीं बनाता है तो भी राजा उस से क्रोधित होकर उसे मृत्युदंड ही देता। वह बहुत मुश्किल परिस्थिति में फस गया | 

 
                        ऐसे में उसे उसके गुरु की याद आई। वह तुरंत ही अपने गुरु के घर पहुंचा | गुरु जी के पास जाकर उसने अपनी व्यथा सुनाई। दुनिया में किसी भी मुश्किल परिस्थिति का हाल आपके गुरु के पास होता है | उन्होंने ही आपको उस कला की बारीकियां सिखाई है |  ठीक उसी तरह गुरु जी ने सोच विचार कर उसे इस परिस्थिति का उपाय बताएं | उन्होंने कहा अपने चित्र में राजा को धनुर्धर के रूप में चित्रित करो जिसमें वह घोड़े पर सवार होकर तीर से निशाना लगा रहा हो | इसके बाद उन्होंने बताया कि वह उस आंख को बंद दिखा दे जो कानी हो | इस सुझाव को पाकर चित्रकार की समस्या खत्म हो चुकी थी | वह तुरंत राजमहल गया और राजा का चित्र बनाने लगा | कुछ समय बाद जब चित्र बनकर तैयार हो गया तो उसने राजा को दिखाया |
                      चित्र में राजा स्वयं को योद्धा के रूप में देखकर बेहद प्रसन्नता हुई और इसके बाद राजा ने चित्रकार को बहुत सारे इनाम और सम्मान देकर विदा किया | इसलिए कहा जाता है कि कोई भी काम करने में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए | हमें उसी काम को करना चाहिए जिसका हमें पूर्ण तरह से पता हो |

कहानी से मिलती है सीख
अनुभव को सबसे बड़ा गुरु माना गया है | किसी भी परिस्थिति को अनुभव के आधार पर हल किया जा सकता है | जब किसी भी बात का हल ना निकल पाए तो घरों में बड़ों से या अपने गुरुओं से उस बात पर चर्चा करें | समाधान अवश्य मिल जाता है | हमें हमेशा शांति से ही परिस्थितियों का हल ढूंढना चाहिए जल्दबाजी में की गई गलतियों का नुकसान हमें जिंदगी भर झेलना पड़ सकता है |

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