You Must Grow
India Must Grow

Follow Us On

National Thoughts

A Web Portal Of Positive Journalism

National Thoughts – We Must Grow India Must Grow 

Today's Story: A Day's Help

आज की कहानी : एक दिन की मदद

Share This Post

बिना वजह मदद करके देखिए, उसका परिणाम अच्छा ही होगा 
न्यूज डेस्क ( नैशनल थॉट्स ) : एक दिन की मदद की कहानी, आइए पढ़ते है | अभी तो फ़ोन आया है, मुझे यहां से चलना ही होगा, अगर समय से नहीं पहुंचा तो हो सकता है की बॉस इस बारे में मुझे जरूर कह सकते है, मुझे लग नहीं रहा था की आज मुझे जाना होगा, क्योंकि आज तो कोई भी काम नहीं है | अब लेकिन अगर बुलाया है, तो जाना ही चाहिए, कुछ देर बाद ही निकल गया था, मुझे पता था की यह रास्ता मेरे घर से लगभग एक घंटे की दुरी पर था, इसलिए समय से निकल भी गया था, तभी रास्ते के ट्रफिक ने बहुत परेशान कर दिया था, मुझे ऐसा लग रहा था की आज बहुत भीड़ है, इसलिए लग नहीं रहा था की समय से पहुंच सकता हूँ | मुझे रस्ते में एक लड़का मिल गया था, जोकि कही जाना चाहता था |

नौकरी की तलाश :-

वह भी मुझसे रास्ता पूछ रहा था, शायद वह पहली बार आया था क्योंकि उसे यहां के बारे में कुछ भी मालूम नहीं था, उसे रास्ते के बारे में बताने से अच्छा है उसे साथ में ले लिया जाये | जिस जगह पर वह जाना चाहता है वह मेरे रास्ते में ही पड़ती है, मुझे ऐसा लगता है की वह किसी कम्पनी में जा रहा था, शायद वह नौकरी की तलाश में था, उससे अधिक बात तो नहीं हुई थी, लेकिन मुझे लगता था की उसे समय से पहुंचा देना चाहिए |
 
 
पहुँचने के लिए समय बहुत कम है 
 
वह समय से पहुंच गया था | मगर मुझे देर हो गयी थी में उसकी बातें में भूल ही गया था की मुझे भी समय से जाना चाहिए था कुछ समय बाद जब में भी पहुंच गया था मुझे पता चल गया था कि किसी काम से बॉस बाहर गए है, वह सभी से मिलना चाहते थे, लेकिन समय से न पहुंच पाने से नहीं मिल पाए थे, अब कुछ नहीं हो सकता था, वह तो चले गए थे, कुछ देर बाद ही उस जगह से चलने के लिए तैयार हो गया था |

लड़का फिर से मिल गया था :-

आज कुछ भी काम नहीं था वह तो मुझसे भी मिलना चाहते थे लेकिन कुछ देर बाद ही बॉस का फ़ोन आ गया था, उनसे इस बारे में माफ़ी मांगनी पड़ी थी समय से नहीं पहुंच पाया था लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा, बल्कि वह कुछ बातें भी करना चाहते थे | शायद वह वापिस जा आयंगे तब ही बात कर सकते है | अब घर चलने के लिए तैयार हो गया था, उसी रस्ते से घर भी जाना था मगर वही लड़का फिर से मिल गया था, उसे देखकर पूछा की क्या तुम्हे वह नौकरी मिल गयी है |


लड़के को नहीं मिली नौकरी 

उसने मना कर दिया था क्योंकि उसे लग रहा था की शायद उसे वह काम नहीं मिल पायेगा, वह अब कुछ नहीं कर सकता था | वह पहुंच रहा था, की क्या वह उसकी मदद कर सकते है शायद उसकी बातें मुझे ठीक लग रही थी क्योंकि यह बात कुछ समय पहले की है जब बॉस ने कहा कि उन्हें एक आदमी चाहिए जो कि उनके कुछ काम कर सकता हो, शायद उसे नौकरी मिल सकती है, उसकी परेशानी दूर हो सकती है |

उसकी मदद से नौकरी मिल गयी :-

लेकिन अभी तो बॉस यहां पर नहीं है जब वह वापिस आयंगे तो उनसे बात की जा सकती है, वह लड़का यह पर किसी को नहीं जानता था इसलिए वह मेरे साथ में ही आ गया था, वह बहुत खुश था की वह यह पर काम की तलाश को पूरा कर सकता है | कुछ दिन बाद जब बॉस आये तो उसे नौकरी मिल गयी थी, वह लड़का अब कुछ ही दुरी पर रहता है | अब वह मेरे साथ में काम करता है अगर आपको यह

Leave a Reply

Your email address will not be published.

खबरें और भी है ...

Advertisment

होम
खोजें
विडीओ

Follow Us On