YOU MUST GROW INDIA MUST GROW

National Thoughts

A Web Portal Of  Positive Journalism

Today's story - Brahmin and three thugs

आज की कहानी–ब्राह्मण और तीन ठग

Share This Post

100% LikesVS
0% Dislikes
स्पेशल स्टोरी:किसी गांव में शम्भुदयाल नामक एक ब्राह्मण रहता था। एक बार वह अपने यजमान से एक बकरा लेकर अपने घर जा रहा था। रास्ता लंबा और सुनसान था। आगे जाने पर रास्ते में उसे तीन ठग मिले। ब्राह्मण के कंधे पर बकरे को देखकर तीनों ने उसे हथियाने की योजना बनाई।
 
पहले ठग ने ब्राह्मण के बकरे को कुत्ता बताया : 
एक ने ब्राह्मण को रोककर कहा, पंडित जी यह आप अपने कंधे पर क्या उठा कर ले जा रहे हैं। यह क्या अनर्थ कर रहे हैं? ब्राह्मण होकर कुत्ते को कंधों पर बैठा कर ले जा रहे हैं। ब्राह्मण ने उसे झिड़कते हुए कहा, अंधा हो गया है क्या? दिखाई नहीं देता यह बकरा है। पहले ठग ने फिर कहा, खैर मेरा काम आपको बताना था। अगर आपको कुत्ता ही अपने कंधों पर ले जाना है तो मुझे क्या? आप जानें और आपका काम।
 
दूसरे और तीसरे ठग ने भी बकरे को कुत्ता बताया : 
थोड़ी दूर चलने के बाद ब्राह्मण को दूसरा ठग मिला। उसने ब्राह्मण को रोका और कहा, पंडित जी क्या आपको पता नहीं कि उच्च कुल के लोगों को अपने कंधों पर कुत्ता नहीं लादना चाहिए। पंडित उसे भी झिड़क कर आगे बढ़ गया। आगे जाने पर उसे तीसरा ठग मिला। उसने भी ब्राह्मण से उसके कंधे पर कुत्ता ले जाने का कारण पूछा।
 
ब्राह्मण अब उन ठगो की बात पर विश्वास कर चुका था :
 इस बार ब्राह्मण को विश्वास हो गया कि उसने बकरा नहीं बल्कि कुत्ते को अपने कंधे पर बैठा रखा है। थोड़ी दूर जाकर, उसने बकरे को कंधे से उतार दिया और आगे बढ़ गया। इधर तीनों ठग ने उस बकरे को मार कर खूब दावत उड़ाई।
 
सीख : किसी झूठ को बार-बार बोलने से वह सच की तरह लगने लगता है। अतः अपने दिमाग से काम लें और अपने आप पर विश्वास करें।

खबरें और भी है

Please select a default template!