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Today's Story - Clever and Courageous Thief

आज की कहानी-चतुर एवं साहसी चोर

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स्पेशल स्टोरी: एक बार की बात है किसी व्यापारी के घर में चार चोरों को चोरी करते हुए राजा के सिपाहियों ने पकड़ लिया। वे उन चोरों को पकड़ कर अपने राजा के पास ले आए। जब राजा ने चोरों का सब हाल सुना तो उन्हें मृत्यु दण्ड दे दिया। जल्लाद चारों चोरों को फांसी पर चढ़ाने के लिए ले गए। उन्होंने तीन को फाँसी पर चढ़ा दिया।
चौथे चोर ने मृत्यु से बचने के लिए एक झूठ बोला :
जब वे चौथे चोर को फाँसी पर चढ़ाने के लिए तैयारी करने लगे तो उस चोर के मन में आया कि मृत्यु तो निश्चित हो गई है फिर भी किसी-न-किसी प्रकार से बच निकलने की कोशिश क्यों न कर ली जाए ! उसने मन में एक उपाय सोचा। चौथे चोर ने जल्लाद को समझाया कि वह फाँसी पर चढ़ने से नहीं डरता, लेकिन एक बार वह राजा से मिलना चाहता है। उसके पास सोने की खेती करने की अद्भुत कला है। उसकी इच्छा है कि मरने से पहले वह विद्या राजा को सौंप जाए।
 
उसने राजा से कहा मुझे सोने की खेती करनी आती है :
जल्लादों ने चौथे चोर की बात अपने राजा को कह सुनाई। राजा की आज्ञा पाकर उसे राजा के दरबार में लाया गया। वहाँ पर भी राजा को सोने की खेती की बात सुनाई। यह बात सुनकर मन्त्री लोग हँस पड़े। चोर ने कहा कि “क्या मैं उस समय झूठ बोल सकता हूँ जबकि मृत्यु मुझे सामने दिखाई दे रही है। आपके सामने भला कौन झूठ बोल सकता है?”राजा ने चोर को आज्ञा दी कि उस अद्भुत विद्या को प्रकट करे। चोर ने आज्ञा पाकर सरसों के दाने के बराबर सोने के दाने बनवाए तथा कहा – “इन्हें बोने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को भेजो जिसने कभी चोरी न की हो।
 
चोर ने राजा से कहा ऐसे व्यक्ति को भेजो जिसने कभी चोरी न की हो    : 
” राजा सोचने लगा कि बचपन में उसने भी चोरी की थी वह इस काम को नहीं कर सकता। राजा ने चोर को यह काम करने के लिए कहा। चोर ने कहा- “यदि मुझसे यह काम होता तो क्या मैं चोरी ही करता!” मंत्रियों में से जिसे भी यह काम सौंपते, उसी ने किसी-न-किसी वस्तु की चोरी कर रखी थी। सबने अपनी गरदनें झुका दीं। तब चोर बोला- “जब यहाँ पर सभी चोर हैं, तो मुझे ही क्यों फाँसी पर चढ़ाया जा रहा है?” यह सुनकर सब हँसने लगे तथा राजा ने भी उसे क्षमा कर दिया।
 
 
सीख  : विपत्ति के समय घबराना नहीं चाहिए, उससे बचने का उपाय करना चाहिए।

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