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Vishwakarma Jayanti 2021: Today is Vishwakarma Puja, know the importance of this day and worship method

Vishwakarma Jayanti 2021 : आज है विश्वकर्मा पूजा, जानिए इस दिन का महत्व और पूजा विधि

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विश्वकर्मा जयंती पर फैक्ट्रियों, कारखानों व औजारों की करें पूजा
 
आज पूरे भारत में विश्वकर्मा जयंती मनाई जा रही है | भारत में भगवान विश्वकर्मा को इंजीनियरिंग और कला के देवता के रूप में माना जाता है | आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को विश्वकर्मा पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन ही ऋषि विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। आज के दिन इंजीनियरिंग संस्थानों व फैक्ट्रियों, कल-कारखानों व औजारों की पूजा की जाती है।

विश्वकर्मा जयंती की पूजा विधि


आज के दिन ऑफिस, फैक्ट्री, वर्कशॉप, दुकान आदि के मालिक सुबह स्नान आदि करके भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा व यंत्रों व औजारों की विधिपूर्वक पूजा करते हैं। पूजा शुरू करने से पहले पूजा स्थल पूजा चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद कलश को हल्दी और चावल के साथ रक्षा सूत्र चढ़ाएं | 
 
इसके बाद पूजा मंत्र  ‘ॐ आधार शक्तपे नम: और ॐ कूमयि नम:’, ‘ॐ अनन्तम नम:’, ‘पृथिव्यै नम:’ का जप करना चाहिए। इसके बाद जिन चीजों की पूजा करनी है, उनपर हल्दी अक्षत और रोली लगाएं | अब भगवान विश्वकर्मा को अक्षत, फूल, चंदन, धूप, अगरबत्ती, दही, रोली, सुपारी, रक्षा सूत्र, मिठाई, फल आदि अर्पित करें। धूप दीप से आरती करें।

विश्वकर्मा पूजा की कथा और महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि को संवारने की जिम्मेदारी ब्रह्मा जी ने भगवान विश्वकर्मा को सौंपी थी। ब्रह्मा जी को अपने वंशज और भगवान विश्वकर्मा की कला पर पूर्ण विश्वास था। जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया तो वह एक विशालकाय अंडे के आकार की थी। उस अंडे से ही सृष्टि की उत्पत्ति हुई। कहते हैं कि बाद में ब्रह्माजी ने इसे शेषनाग की जीभ पर रख दिया।

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