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World AIDS Day 2021: Let us know the answers to all the questions related to HIV / AIDS, when it was found, how it started, India's response etc.

World Aids Day 2021: आइए जानते HIV / AIDS से जुड़े सभी सवालों के जवाब, कब मिला, कैसे हुई शुरुआत, भारत की प्रतिक्रिया आदि !

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न्यूज डेस्क ( नेशनल थॉट्स ) : हर वर्ष दुनियाभर में लोग एचआईवी संक्रमण के प्रति दूसरों को जागरूक करने के लिए 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे के रूप में मनाते है | एड्स ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस (HIV) के संक्रमण के कारण होने वाला महामारी का रोग है।
कब हुई थी शुरुआत ?
इस दिन को पहली बार 1988 में चिह्नित किया गया था। वहीं साल 1996 में HIV/AIDS पर संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर इसके प्रचार और प्रसार का काम संभालते हुए साल 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार, रोकथाम और शिक्षा पर कार्य करना शुरू किया। 

पहला विश्व एड्स दिवस कब मनाया गया ?

1987 में थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न द्वारा की गई थी। थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न दोनों डब्ल्यू.एच.ओ.(विश्व स्वास्थ्य संगठन) जिनेवा, स्विट्जरलैंड के एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी थे। वर्ष 1988 से 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
 
वर्ल्ड एड्स डे का उद्देश्य
 
वर्ल्ड एड्स डे मनाने का प्रमुख उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।UNICEF की रिपोर्ट की मानें तो पूरे विश्व में 36.9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं। जबकि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी (HIV) के रोगियों की संख्या करीब 2.1 मिलियन बताई जा रही है।

क्या है एचआईवी एड्स?

एचआईवी एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है। एड्स का पूरा नाम ‘एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम’ है। यह एक तरह का विषाणु है, जिसका नाम HIV है। खास बात है कि ये बीमारी तीन चरणों (प्राथमिक चरण, चिकित्सा विलंबता होना और एड्स) में होती है।

कब और कहां मिला HIV का पहला मामला ? 

19वीं सदी में पहली बार अफ्रीका के खास प्रजाति के बंदरों में एड्स का वायरस मिला। बंदरों से होते हुए यह बीमारी इंसानों में फैली है। दरअसल अफ्रीका के लोग बंदर को खाते थे, इसलिए कहा जाता है कि बंदर को खाने से वायरस ने इंसान के शरीर में प्रवेश किया होगा। 1959 में कांगो के एक बीमार आदमी की मौत के बाद उसके खून के नमूने में सबसे पहले HIV वायरस मिला था।
 
HIV / AIDS के लक्षण 
 
  • बुखार, सिरदर्द, थकान, सूजी हुई ग्रंथियां, रैश, गले में खराश, मांसपेशियों/जोड़ों में दर्द, रात को पसीना, दस्त जैसे-जैसे स्थिति बढ़ती है, एचआईवी वाले लोग कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित कर सकते हैं |

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