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Yoga Tips: Pain often persists in the feet? You can get relief with the help of these yogasanas

Yoga Tips: पैरों में अक्सर बना रहता है दर्द? इन योगासनों की मदद से पा सकते हैं आराम

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नई दिल्ली,न्यूज डेस्क (नेशनल थॉट्स):संपूर्ण शरीर का भार पैरों की मांसपेशियों पर ही होता है। ध्यान न देने से हड्डियों और मांसपेशियों की समस्या हो सकती है जिसके कारण आपके लिए चलना और उठना तक भी कठिन हो सकता है। पैरों को मजबूत बनाने, शरीर के निचले हिस्से में संतुलन, लचीलापन और इनकी ताकत में सुधार करने में योगासनों के अभ्यास की आदत मददगार हो सकती है। आइए जानते हैं  किन योगासनों के अभ्यास से आपको लाभ मिल सकता है :-
अधोमुख शवासन योग का अभ्यास : अधोमुख शवासन योग पैरों और शरीर के निचले हिस्से की ताकत में सुधार करने के साथ रक्त संचरण को बढ़ाने और पैरों की हड्डी-मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में काफी फायदेमंद माना जाता है। यह योग मुद्रा आपके हैमस्ट्रिंग, ग्लूट्स, पिंडलियों और पीठ के निचले हिस्से के लिए भी फायदेमंद है। जिन लोगों को अक्सर पैरों में दर्द की समस्या बनी रहती है वह इस योग का अभ्यास करके लाभ पा सकते हैं। अधोमुख शवासन योग भविष्य में गठिया होने के खतरे को भी कम कर देती है।

वारियर पोज़ का अभ्यास : वारियर पोज को संपूर्ण शरीर की शक्ति में सुधार करने वाले योगाभ्यास के तौर पर जाना जाता है। यह मुद्रा पैरों को मजबूत बनाने, शरीर के बेहतर संतुलन और स्थिरता में सुधार करने और आपके कूल्हों और कमर की मांसपेशियों को फैलाने में काफी सहायक है। वारियर पोज के अभ्यास की आदत शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों और अंगों के लिए फायदेमंद माना जाता है।

सेतुबंधासन योग : सेतुबंधासन योग या ब्रिज पोज़ आपके ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करने में मदद करने वाला अभ्यास है। कूल्हे और छाती को खोलने के साथ कमर दर्द की समस्या से परेशान लोगों को आराम दिलाने के लिए सेतुबंधासन योग के नियमित अभ्यास की आदत फायदेमंद हो सकती है। सेतुबंधासन योग शरीर के निचले हिस्से में रक्त के संचरण को सुधारने और लचीलेपन को बढ़ावा देने वाले अभ्यास में से एक माना जाता है।

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