एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के कार्यान्वयन से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।
लोकसभा के विशेष सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये विधेयक भारत के संघीय ढांचे को कमजोर कर सकते हैं।
ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि:
“ये बिल देश के संघवाद को नष्ट कर देंगे, मैं इनका कड़ा विरोध करता हूं।”
शायरी के जरिए साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने मशहूर शायर साहिर लुधियानवी का शेर पढ़ते हुए सरकार पर तंज कसा:
“एक शहंशाह ने बनवा कर हसीन ताजमहल,
हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक।”
इस शायरी के जरिए उन्होंने सरकार की नीतियों को आम लोगों से दूर बताया।
क्या है पूरा मामला?
संसद के विस्तारित बजट सत्र के तहत तीन दिवसीय विशेष सत्र में उन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, जिनका उद्देश्य:
2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करना
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित करना
इसी क्रम में केंद्र सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है।
लोकसभा विस्तार का प्रस्ताव
विधेयक के तहत:
लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है
इसमें:
815 सदस्य राज्यों से सीधे चुने जाएंगे
35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे
संसद में पेश हुए तीन बड़े बिल
सरकार ने विपक्ष के विरोध के बीच तीन अहम विधेयक पेश किए:
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026
परिसीमन विधेयक, 2026
संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026
👉 इन्हें क्रमशः केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और गृह मंत्री अमित शाह ने पेश किया।
मतदान और विपक्ष का विरोध
संविधान संशोधन विधेयक को पेश करने के प्रस्ताव पर:
251 वोट पक्ष में
185 वोट विरोध में पड़े
विपक्षी दलों जैसे:
कांग्रेस
समाजवादी पार्टी
डीएमके
ने इन विधेयकों को:
“असंवैधानिक” बताया
और इनके समय पर सवाल उठाए
कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह बिल भारत के संघीय ढांचे पर हमला है।
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े इन विधेयकों ने संसद में सियासी माहौल गर्म कर दिया है।
एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक सुधार बता रही है,
वहीं विपक्ष इसे संघीय ढांचे के लिए खतरा मानते हुए विरोध कर रहा है।
अब आने वाले दिनों में इन विधेयकों पर बहस और राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।