पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान मुर्शिदाबाद एक बार फिर राजनीतिक हिंसा का केंद्र बन गया। गुरुवार सुबह नौदा में देसी बम हमले के बाद हालात और बिगड़ गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
नौदा में बम हमले से बढ़ा तनाव
सुबह हुए बम हमले में कई लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मतदान के दौरान अचानक हुए धमाकों से अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे।
एक घायल व्यक्ति ने बताया कि हमलावरों ने पहले गालियां दीं और फिर हमला कर दिया।
TMC और हुमायूं कबीर समर्थकों में झड़प
घटना के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई।
बताया जा रहा है कि कबीर नौदा इलाके का दौरा करने पहुंचे थे, लेकिन TMC कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद झड़प हुई।
निर्वाचन आयोग सख्त, रिपोर्ट तलब
घटना के बाद भारतीय चुनाव आयोग ने मुर्शिदाबाद को कड़ी निगरानी में रखा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
EVM गड़बड़ी से कुछ बूथों पर मतदान रुका
मुर्शिदाबाद के कुछ इलाकों में EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतें भी सामने आईं:
बेलडांगा के बूथ नंबर 156
समशेरगंज के बूथ नंबर 212
इन बूथों पर कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा।
वोटरों को डराने-धमकाने के आरोप
डोमकल क्षेत्र में मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगे हैं।
कुछ लोगों ने दावा किया कि सुबह के समय न तो पुलिस और न ही केंद्रीय बल मौजूद थे, जिससे वे मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाए।
सुरक्षा बढ़ाई गई, स्थिति नियंत्रण में
बाद में स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई।
डोमकल के रायपुर गांव में सुरक्षा बलों की मौजूदगी में मतदाताओं को सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्रों तक पहुंचाया गया।
सुरक्षा पर उठे सवाल
मुर्शिदाबाद की घटनाओं ने चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का दावा किया है, लेकिन हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को काफी तनावपूर्ण बना दिया है।