पटना के चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर ने शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उनके खिलाफ दर्ज फायरिंग मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों से शहर में तनाव और राजनीतिक चर्चा का माहौल बना हुआ है।
पटना पुलिस ने कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में हुई फायरिंग की घटना के बाद फैजल खान के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इसी मामले में बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया।
गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस, छात्रों ने किया विरोध
फायरिंग मामले में कार्रवाई के तहत पुलिस खान सर को गिरफ्तार करने के लिए उनके कोचिंग संस्थान पहुंची थी। हालांकि वहां पहले से मौजूद सैकड़ों छात्रों ने उनके समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी।
छात्रों के भारी विरोध और भीड़ के कारण पुलिस तत्काल उन्हें हिरासत में नहीं ले सकी। देर रात तक कोचिंग परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए रही।
दो कोचिंग संस्थानों के विवाद से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद शहर के दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच लंबे समय से चल रही प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है।
खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान और ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के बीच बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणामों के बाद विवाद बढ़ गया था। दोनों संस्थानों ने अपने-अपने छात्रों के अधिक चयन होने का दावा किया और शहरभर में प्रचार अभियान चलाया।
आरोप है कि इसी दौरान एक संस्थान के प्रचार बैनर को दूसरे संस्थान के बोर्ड पर लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में गंभीर टकराव में बदल गया।
मारपीट, पथराव और फायरिंग से बिगड़े हालात
दो और तीन जून की रात दोनों पक्षों के बीच कथित तौर पर मारपीट, तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाएं हुईं। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें खान सर का एक सुरक्षाकर्मी गोली चलाते हुए दिखाई दे रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लिया। बाद में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनके हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
सुरक्षाकर्मियों के बयान के बाद बढ़ीं मुश्किलें
पुलिस जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कथित रूप से बयान दिया कि उन्हें गोली चलाने के लिए कहा गया था। इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत फैजल खान का नाम भी प्राथमिकी में शामिल किया।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खान सर ने आरोपों को बताया गलत
इस पूरे मामले में खान सर लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि फायरिंग आत्मरक्षा के लिए की गई थी।
उन्होंने दावा किया कि घटना के समय हालात बेहद तनावपूर्ण थे और सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाकर्मियों ने कार्रवाई की। उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी पर हमला हो रहा हो तो सुरक्षाकर्मी केवल मूकदर्शक नहीं बने रह सकते।
छात्रों के बीच भावुक अपील
छात्रों को संबोधित करते हुए खान सर ने कहा कि घटना के दिन वास्तव में फायरिंग हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि उनके संस्थान को बंद करने की कोशिश की गई तो इसका असर छात्रों पर पड़ेगा और कोचिंग की फीस में भारी वृद्धि हो सकती है।
खान सर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि छात्रों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
कोचिंग संस्थान के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद प्रशासन ने कोचिंग संस्थान के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस ने छात्रों को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र अपने शिक्षक के समर्थन में डटे रहे।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर शहर में तनाव बना हुआ है और सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि खान सर और रौशन सर को शिक्षा के क्षेत्र को संघर्ष का अखाड़ा नहीं बनने देना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिशें नई बात नहीं हैं और सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
जांच के नतीजों का इंतजार
फिलहाल फायरिंग मामले की जांच जारी है। पुलिस साक्ष्य जुटाने, फोरेंसिक रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यह विवाद कानूनी तथा प्रशासनिक स्तर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है।