भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कई अहम वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा।
ट्रंप के बयान पर संयमित प्रतिक्रिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय ने संतुलित रुख अपनाया।
प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने सामने आई रिपोर्ट्स देखी हैं, लेकिन फिलहाल इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं समझती।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने इसे अपमानजनक बताते हुए सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
ब्रीफिंग में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी जानकारी दी गई।
प्रवक्ता के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में वॉशिंगटन गया था, जहां बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी।
दोनों देश वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं, जिससे आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा।
फ्रांस के साथ संबंधों में नई सुविधा
भारत ने फ्रांस के साथ संबंधों में एक अहम प्रगति का स्वागत किया।
अब भारतीय नागरिकों को फ्रांस के हवाई अड्डों से केवल ट्रांजिट के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा 10 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है।
यह निर्णय नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बातचीत का परिणाम माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच आवागमन और सहयोग बढ़ेगा।
जापान के साथ रक्षा सहयोग
भारत ने जापान द्वारा रक्षा उपकरण और तकनीक हस्तांतरण नीतियों की समीक्षा का स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-जापान संबंध विशेष रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं, जिसमें रक्षा और तकनीकी सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नेपाल कस्टम ड्यूटी विवाद
नेपाल से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नेपाल सरकार सीमा शुल्क नियमों को सख्ती से लागू कर रही है, जिसके तहत तय सीमा से अधिक सामान पर शुल्क लगाया जा रहा है।
हालांकि, नेपाल ने भरोसा दिलाया है कि रोजमर्रा के व्यक्तिगत सामान के साथ आने वाले आम लोगों को परेशानी नहीं होगी।
भारत इस मुद्दे पर नेपाल के साथ लगातार संवाद में है, ताकि दोनों देशों के पारंपरिक संबंध और आवागमन प्रभावित न हों।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने अपनी स्पष्ट नीति दोहराई।
भारत का मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से होना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
इस ब्रीफिंग में भारत ने संवेदनशील मुद्दों पर संतुलित और कूटनीतिक रुख अपनाने का संकेत दिया।साथ ही, वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपनी प्रतिबद्धता भी स्पष्ट की।