राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र बीकानेर हाउस में युवा कलाकार और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनकी प्रदर्शनी से दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों और युवा आंदोलनों से जुड़ी 75 तस्वीरें हटवा दीं। इस घटना के बाद कलात्मक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस शुरू हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी का नाम ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ (No Idea is Final) है। इसमें पिछले तीन वर्षों के उनके फोटोग्राफी कार्य को प्रदर्शित किया गया है। संग्रह में स्ट्रीट फोटोग्राफी, युवा आंदोलनों और दिल्ली में हाल के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल हैं।
प्रदर्शनी में 100 से अधिक तस्वीरें और कलाकृतियां रखी गई हैं। रेहान के मुताबिक, बीकानेर हाउस प्रशासन ने दो कमरों में लगी 75 तस्वीरों पर आपत्ति जताई और उन्हें हटाने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि यह संग्रह केवल हालिया विरोध प्रदर्शनों तक सीमित नहीं है, बल्कि तीन वर्षों की उनकी रचनात्मक यात्रा को दर्शाता है।
प्रदर्शनी से पहले दी गई थी जानकारी
रेहान ने बताया कि उन्होंने 15 अक्टूबर को ही प्रदर्शनी का लेआउट बीकानेर हाउस प्रशासन के साथ साझा कर दिया था और इसकी पुष्टि भी मिल गई थी। हालांकि, 20 अक्टूबर को प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले उन्हें बताया गया कि कुछ तस्वीरें आयोजन स्थल की बुकिंग नीति का उल्लंघन कर सकती हैं।
रेहान के अनुसार, उन्होंने प्रशासन से लिखित में आपत्ति और संबंधित तस्वीरों का विवरण मांगा था, ताकि इस पर चर्चा की जा सके। लेकिन उनका दावा है कि 21 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन ने तस्वीरें हटाने के लिए कहा।
रेहान ने बताया कि प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर ने तस्वीरों के समय और राजनीतिक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि वे आयोजन स्थल की नीति के अनुरूप नहीं हैं।
तस्वीरें नहीं हटाने पर प्रदर्शनी रद्द करने की चेतावनी
रेहान के मुताबिक, प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि शाम चार बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी और इमारत को सील किया जा सकता है। प्रदर्शनी को पूरी तरह रद्द होने से बचाने के लिए रेहान और उनकी टीम ने शुरुआत में तस्वीरों के फ्रेम पलट दिए, ताकि उनका पिछला हिस्सा दर्शकों की ओर रहे।
हालांकि, रेहान का कहना है कि अधिकारियों ने तस्वीरों को पूरी तरह हटाकर स्टोर में रखने पर जोर दिया। इसके बाद दोनों कमरों से 75 तस्वीरें हटा दी गईं। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी कलाकृति के राजनीतिक संदर्भ के आधार पर यह तय नहीं किया जाना चाहिए कि उसे प्रदर्शित किया जा सकता है या नहीं।
‘कला की स्वतंत्रता सीमित करना गलत’
रेहान ने कहा कि किसी सांस्कृतिक संस्थान के लिए केवल इसलिए बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाना उचित नहीं है, क्योंकि उन्हें आपत्तिजनक माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कलाकृति में स्पष्ट रूप से आपत्तिजनक सामग्री हो, तो उस पर चर्चा समझ में आती है, लेकिन केवल राजनीतिक संदर्भ के कारण 75 तस्वीरें हटाना स्वीकार्य नहीं है।
रेहान ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी कलाकृति को लेकर नियम राजनीतिक दलों के सत्ता में होने के आधार पर बदल सकते हैं। उनके मुताबिक, कलाकारों को अपनी रचनाएं प्रदर्शित करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
बीकानेर हाउस से पुराना जुड़ाव
रेहान ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में बीकानेर हाउस में अपनी पहली प्रदर्शनी लगाई थी और तब से लगभग हर साल वहां अपना काम प्रदर्शित करते रहे हैं। वह इस स्थान को ऐसा सांस्कृतिक केंद्र मानते थे, जहां कलाकार अलग-अलग विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर सकते हैं।
तस्वीरें हटाए जाने के बाद प्रदर्शनी स्थल के पहली मंजिल पर स्थित दो कमरे लगभग खाली नजर आए। दीवारों पर तस्वीरें टांगने के लिए लगाई गई कीलें दिखाई देती रहीं। रेहान के अनुसार, प्रदर्शनी का बाकी हिस्सा तय कार्यक्रम के मुताबिक रविवार तक जारी रहेगा। वह हटाई गई तस्वीरों को अगले महीने दिल्ली के किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शित करने की संभावना भी तलाश रहे हैं। दिसंबर में प्रदर्शनी बेंगलुरु जाएगी।
बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें इस बारे में बोलने की अनुमति नहीं है।
प्रियंका गांधी ने कहा- ‘अब यह लोकतंत्र नहीं रहा’
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तस्वीरों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और वे केवल कुछ घटनाओं को दर्शाती हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में प्रियंका ने कहा, “अब यह लोकतंत्र नहीं रहा। आज उनके साथ ऐसा हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा।”
सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी प्रियंका ने रेहान के समर्थन में पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह उस ताकत को खोने लगता है, जिसे बचाने की कोशिश कर रहा होता है।
प्रियंका ने अपने संदेश में रेहान से सच के साथ खड़े रहने की बात कही और कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सांस्कृतिक संस्थानों की नीतियों, कलात्मक स्वतंत्रता और राजनीतिक संदर्भ वाली कला के प्रदर्शन की सीमाओं पर बहस छेड़ दी है।







