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दिल्ली-NCR में बढ़ा प्रदूषण, GRAP-1 लागू; कई इलाकों में AQI खराब

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admin
22 अक्टूबर 2026 | 11:09 am IST
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देश की राजधानी दिल्ली में ठंड की आहट के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। ITO में AQI 280 और AIIMS के पास 276 तक पहुंच गया। वहीं, इंडिया गेट के आसपास AQI 238 तथा अक्षरधाम मंदिर और आनंद विहार में 237 दर्ज किया गया।

प्रदूषण में बढ़ोतरी को देखते हुए अधिकारियों ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना तथा हवा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI का हाल

CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना रहा। प्रमुख स्थानों पर दर्ज AQI इस प्रकार रहा:

ITO: 280

AIIMS: 276

इंडिया गेट: 238

अक्षरधाम मंदिर: 237

आनंद विहार: 237

CPCB के मानकों के अनुसार, 201 से 300 के बीच AQI को ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को।

एक दिन में तेजी से बढ़ा दिल्ली का औसत AQI

राजधानी में प्रदूषण का स्तर एक दिन पहले ही इस सीजन में पहली बार ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया था। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत दैनिक AQI 20 अक्टूबर को 179 था। इसके बाद 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 हो गया और शाम 4 बजे तक 245 दर्ज किया गया।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर और मौसम संबंधी पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को दिल्ली-NCR में GRAP का पहला चरण लागू करने का फैसला किया।

क्या हैं AQI की अलग-अलग श्रेणियां?

CPCB वायु गुणवत्ता को AQI के आधार पर छह श्रेणियों में बांटता है:

0–50: अच्छा

51–100: संतोषजनक

101–200: मध्यम

201–300: खराब

301–400: बहुत खराब

401–500: गंभीर

AQI जितना अधिक होता है, हवा में प्रदूषण का स्तर और उससे स्वास्थ्य को होने वाला संभावित नुकसान उतना ही बढ़ जाता है।

GRAP-1 के तहत क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे?

दिल्ली-NCR में GRAP का पहला चरण लागू होने के बाद संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रमुख कदमों में शामिल हैं:

निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए सख्त उपाय।

सड़कों की मशीनों से सफाई और जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव।

कचरे का नियमित उठाव और खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई।

वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जांच।

अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई।

होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।

इन उपायों का उद्देश्य धूल, वाहनों और अन्य स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी (IITM) के पूर्वानुमानों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। ऐसे में संबंधित एजेंसियों को लगातार निगरानी रखने और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे बाहर व्यायाम करते समय सावधानी बरतें और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।