भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी ने अपने बेटे और अभिनेता राम चरण के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य फिल्म उद्योग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग से जुड़े खतरों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
डिजिटल तकनीक के तेजी से विकास के बीच कलाकारों के व्यक्तित्व अधिकारों, निजता और पेशेवर गरिमा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। चिरंजीवी ने इसी मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से कलाकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
चिरंजीवी के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और इस मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट साझा कर मुलाकात की जानकारी दी। चिरंजीवी ने बताया कि शाह ने उन्हें इस संबंध में लिखित ज्ञापन सौंपने की सलाह दी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को मामले में समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने गृह मंत्री की प्रतिक्रिया को फिल्म जगत के लिए उत्साहजनक बताया।
बैठक में AI और Deepfake के दुरुपयोग पर हुई चर्चा
चिरंजीवी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने फिल्म उद्योग की चिंताओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना। बैठक में कलाकारों की डिजिटल पहचान और उनकी छवि के गलत इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
1. सरकार की ओर से विचार का आश्वासन: अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगी और AI व डीपफेक के दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा मानक तैयार करने की दिशा में कदम उठाएगी।
2. लिखित ज्ञापन सौंपने की सलाह: गृह मंत्री ने चिरंजीवी को इस मुद्दे पर विस्तृत लिखित ज्ञापन देने को कहा, ताकि कलाकारों की समस्याओं और उनसे जुड़े कानूनी एवं तकनीकी पहलुओं पर विचार किया जा सके।
3. जी किशन रेड्डी को समन्वय की जिम्मेदारी: गृह मंत्री ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को इस मामले में फिल्म उद्योग और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए कहा।
कलाकारों के अधिकारों के लिए क्यों जरूरी है सुरक्षा?
AI तकनीक ने फिल्म उद्योग में रचनात्मकता और निर्माण के नए रास्ते खोले हैं, लेकिन इसके दुरुपयोग से कई गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं। AI वॉइस क्लोनिंग, फेस स्वैपिंग और बिना अनुमति किसी कलाकार के चेहरे या आवाज का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो तैयार करना इनमें प्रमुख हैं।
ऐसे कंटेंट से कलाकारों की प्रतिष्ठा, निजता और व्यावसायिक अधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है। कई बार डीपफेक वीडियो के जरिए किसी व्यक्ति को ऐसी गतिविधियों से जोड़कर दिखाया जा सकता है, जिनसे उसका कोई संबंध नहीं होता।
इसी वजह से फिल्म उद्योग लंबे समय से कलाकारों की डिजिटल पहचान और उनकी सहमति के बिना AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा उपायों की जरूरत उठा रहा है।
फिल्म उद्योग को सरकार से बड़ी उम्मीदें
गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद चिरंजीवी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया पर खुशी जताई। उनके मुताबिक, सरकार का आश्वासन पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए उत्साहजनक है।
AI और डीपफेक से जुड़े खतरों को रोकने के लिए प्रभावी कानूनी और नीतिगत व्यवस्था तैयार करना कलाकारों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इससे न केवल फिल्म उद्योग में काम करने वाले कलाकारों की डिजिटल पहचान सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, बल्कि तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा।






