निकोलस पेपे के शानदार दो गोलों की बदौलत आइवरी कोस्ट ने गुरुवार को क्यूरासाओ को 2-0 से हराकर फुटबॉल विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहली बार जगह बना ली। इस ऐतिहासिक जीत के बाद खिलाड़ियों और प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न में डूबी टीम
मैच समाप्त होने के बाद आइवरी कोस्ट के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। टीम फोटो के लिए सभी खिलाड़ी मैदान पर घुटनों के बल बैठे और एक उंगली आसमान की ओर उठाकर अपनी खुशी जाहिर की। यह पहली बार था जब पश्चिम अफ्रीका की यह टीम विश्व कप के नॉकआउट चरण तक पहुंची।
स्टार फॉरवर्ड निकोलस पेपे ने कहा, “हम अपने लिए कोई सीमा तय नहीं कर रहे हैं। हमारी टीम में काफी क्षमता है और हम आगे भी बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।”
ग्रुप चरण में मिला मिला-जुला प्रदर्शन
आइवरी कोस्ट ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए अपने पहले मुकाबले में इक्वाडोर को 1-0 से हराया था। हालांकि, दूसरे मैच में उसे जर्मनी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद टीम ने वापसी करते हुए क्यूरासाओ पर जीत दर्ज की और नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली।
शुरुआती गोल से बनाई बढ़त
स्पेनिश क्लब विलारीयाल के लिए खेलने वाले निकोलस पेपे ने मैच के सातवें मिनट में ही गोल दागकर आइवरी कोस्ट को बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद टीम ने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा और क्यूरासाओ को वापसी का मौका नहीं दिया।
हालांकि आइवरी कोस्ट को अगले दौर में पहुंचने के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए जीत हासिल करने का लक्ष्य बनाए रखा।
दूसरे गोल ने जीत पर लगाई मुहर
मैच के 64वें मिनट में पेपे ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया और टीम की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद नारंगी जर्सी पहने आइवरी कोस्ट के समर्थक खुशी से झूम उठे।
दूसरा गोल करने के तीन मिनट बाद पेपे को मैदान से बाहर बुला लिया गया ताकि उन्हें अगले मुकाबले से पहले पर्याप्त आराम मिल सके।
अब फ्रांस या नॉर्वे से होगी टक्कर
नॉकआउट चरण में आइवरी कोस्ट का सामना 30 जून को ग्रुप आई की उपविजेता टीम से होगा। यह टीम फ्रांस या नॉर्वे में से कोई एक हो सकती है।
संभावित प्रतिद्वंद्वी को लेकर पेपे ने कहा, “अगर हमारा लक्ष्य टूर्नामेंट के अंत तक जाना है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन सी टीम है।”
क्यूरासाओ का सपना टूटा
क्यूरासाओ को नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए इस मुकाबले में जीत की जरूरत थी। अगर वह सफल होता तो विश्व कप नॉकआउट में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन जाता, लेकिन आइवरी कोस्ट के दमदार प्रदर्शन के सामने उसका सपना अधूरा रह गया।
अब आइवरी कोस्ट की नजर विश्व कप इतिहास की अपनी सबसे बड़ी चुनौती पर होगी, जहां वह पहली बार नॉकआउट चरण में मैदान पर उतरेगी।







