देवर- केवल दो तरह के आदमी औरत को समझ नहीं पाते हैं
भाभी – कौन-कौन?
देवर- कुंवारे और विवाहित
भाभी – और जो समझ जाते हैं वो?
देवर- वो तो फिर साधु-संत बनकर आश्रम पकड़ लेते हैं…..
पति- मेरे लिए तो दूर-दूर से रिश्ते आते थे
पत्नी- शादी के पांच साल हो गए ,
पर आजतक तुम मुझे कहीं घुमाने नहीं ले गए
पति- ठीक है, शाम को लेकर चलूंगा
शाम को पति, पत्नी को शमशान घाट ले गया घुमाने
पत्नी- छी, ये कोई घूमने की जगह है
पति- अरे पगली, लोग मरते हैं यहां आने के लिए…….



