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SpaceX ने टेक्सास से लॉन्च किया सबसे शक्तिशाली स्टारशिप रॉकेट

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admin
25 जुलाई 2026 को 06:32 am बजे
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एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने शुक्रवार को अपने सबसे शक्तिशाली स्टारशिप रॉकेट की एक और सफल परीक्षण उड़ान पूरी की। टेक्सास स्थित दक्षिणी लॉन्च साइट से उड़ान भरने वाले इस विशाल रॉकेट ने मिशन के दौरान Starlink के 20 उन्नत उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया। लगभग 407 फीट (124 मीटर) ऊंचा स्टारशिप दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली रॉकेट माना जाता है।

नासा की भी रही खास नजर

इस मिशन पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की भी करीबी नजर रही। भविष्य में चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने के लिए स्टारशिप को लूनर लैंडर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की योजना है। ऐसे में इस परीक्षण उड़ान को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक घंटे की उड़ान के बाद हिंद महासागर में सफल लैंडिंग

करीब एक घंटे तक चली उड़ान के बाद स्टारशिप ने पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश किया और निर्धारित योजना के अनुसार हिंद महासागर में सुरक्षित तरीके से उतरकर अपना मिशन पूरा किया। SpaceX ने इसे अब तक के सबसे सफल री-एंट्री परीक्षणों में से एक बताया है।

इंजन में सुधार के बाद मिली सफलता

इस उड़ान से पहले SpaceX ने पहले चरण के 33 इंजनों में से छह इंजनों को बदला था। पिछले सप्ताह तकनीकी खराबी के कारण लॉन्च अंतिम समय में टालना पड़ा था। इससे पहले मई में हुई परीक्षण उड़ान में भी इंजन संबंधी समस्या सामने आई थी, जिससे बूस्टर की नियंत्रित वापसी संभव नहीं हो सकी थी।

20 Starlink उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित

मिशन के दौरान स्टारशिप ने लगभग 200 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर एक-एक कर 20 नए Starlink उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़े। उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण के बाद अंतरिक्षयान ने पृथ्वी की ओर वापसी शुरू की और तय योजना के अनुसार समुद्र में उतर गया।

स्टारशिप की 13वीं और V3 संस्करण की दूसरी उड़ान

यह स्टारशिप की 13वीं परीक्षण उड़ान थी, जबकि नए V3 संस्करण की इस वर्ष दूसरी उड़ान रही। इस बार भी न तो बूस्टर को वापस लाने की योजना थी और न ही अंतरिक्षयान को सुरक्षित रिकवर करने की। दोनों को समुद्र में नियंत्रित तरीके से गिराने की रणनीति अपनाई गई।

लेजर तकनीक से जुड़े नए Starlink उपग्रह

अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद नए Starlink उपग्रहों ने पहले से कक्षा में मौजूद उपग्रहों के साथ लेजर कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए संपर्क स्थापित किया। वर्तमान में 10,000 से अधिक Starlink उपग्रह दुनिया भर में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे SpaceX के पास दुनिया का सबसे बड़ा सैटेलाइट नेटवर्क है।

हीट शील्ड की मिली अहम तस्वीरें

इस मिशन में भेजे गए 20 उपग्रहों में से छह पर विशेष कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों ने स्टारशिप की हीट शील्ड की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें भेजीं। साथ ही हीट शील्ड पर लगे सेंसरों ने वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान पड़ने वाले अत्यधिक दबाव और तापमान से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े भी रिकॉर्ड किए।

SpaceX और NASA ने जताई खुशी

SpaceX की इंजीनियर केट टाइस ने मिशन की सफलता पर कहा, “हम इस उपलब्धि से बेहद उत्साहित हैं। यह वास्तव में ‘लकी फ्लाइट 13’ साबित हुई।” वहीं NASA के प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस मिशन से मिली जानकारी भविष्य के चंद्र मिशनों और मानव अंतरिक्ष उड़ानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए बड़ी उपलब्धि

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टारशिप की यह सफल उड़ान SpaceX के महत्वाकांक्षी चंद्रमा और मंगल मिशनों की दिशा में एक और अहम कदम है। साथ ही Starlink नेटवर्क के विस्तार से दुनिया भर में तेज और भरोसेमंद इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की कंपनी की योजना को भी मजबूती मिलेगी।