पता नहीं ये कौन सा मौसम चल रहा है…
मच्छर काट रहे हैं…
कम्बल भी ओढ़ रहे हैं…
पंखा भी चल रहा है…
नहा थोड़ा गरम पानी से रहे हैं…
और पी ठंडा पानी रहे हैं…
लगता है कौनो फिरकी ले रहा है…
आपने कभी सोचा है कि सरकार ने

पता नहीं ये कौन सा मौसम चल रहा है…
मच्छर काट रहे हैं…
कम्बल भी ओढ़ रहे हैं…
पंखा भी चल रहा है…
नहा थोड़ा गरम पानी से रहे हैं…
और पी ठंडा पानी रहे हैं…
लगता है कौनो फिरकी ले रहा है…
आपने कभी सोचा है कि सरकार ने