जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के नोटिस को खारिज कर दिया है। छात्रों का कहना है कि पिछले 14 दिनों से चल रहा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उनकी प्रमुख मांगों में छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करना शामिल है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन खबरों को भी गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने प्रशासन के आश्वासन स्वीकार कर लिए हैं और आंदोलन समाप्त कर दिया है। छात्रों के मुताबिक, ऐसी खबरों में केवल प्रशासन का पक्ष सामने आया है, जबकि प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भी मांगें पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखेंगे।
छात्र संघ की बहाली पर स्पष्ट आश्वासन नहीं
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रशासन के नोटिस में छात्र संघ की बहाली को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है। उनके मुताबिक, नोटिस में केवल सामान्य आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने और चुनाव कराने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई।
छात्रों ने यह भी कहा कि प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग पर नोटिस में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। उनका मानना है कि जब तक इन मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त करने का कोई औचित्य नहीं है।
लिखित आश्वासन और तय समय-सीमा की मांग
छात्रों ने कहा कि सामान्य आश्वासनों और अस्पष्ट बयानों को उनकी मांगों की पूर्ति नहीं माना जा सकता। प्रशासन को सभी लंबित मुद्दों पर स्पष्ट लिखित प्रतिबद्धता देनी चाहिए। विशेष रूप से छात्र संघ की बहाली और चुनाव प्रक्रिया के लिए निश्चित समय-सीमा घोषित की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने जोर दिया कि आंदोलन खत्म करने के लिए केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रशासन को ठोस और समयबद्ध फैसले लेने होंगे।
आंदोलन वापस लेने की खबरों को किया खारिज
छात्रों ने दोहराया कि जब तक छात्र संघ की बहाली को लेकर लिखित आश्वासन, चुनाव की निश्चित समय-सीमा और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसे किसी नोटिस को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे उनका मुख्य मुद्दा अनसुलझा रह जाए।
उन्होंने आंदोलन वापस लेने संबंधी दावों को भी खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन के नोटिस में उनकी प्रमुख चिंताओं का समाधान नहीं किया गया है।
करीब दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने की घोषणा
इससे पहले, 26 अक्टूबर को जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन ने घोषणा की थी कि विश्वविद्यालय में करीब दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे। यह घोषणा परिसर में निर्वाचित छात्र निकाय की बहाली की मांग को लेकर कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बीच की गई।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल चुनाव कराने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। वे छात्र संघ की बहाली, चुनाव की समय-सीमा और अन्य लंबित मांगों पर स्पष्ट तथा लिखित निर्णय चाहते हैं।







