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खड़गे के बयान पर BJP-NDA का हमला, ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ टिप्पणी पर विवाद

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admin
26 अक्टूबर 2026 | 12:40 pm IST
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बिहार की राजधानी पटना में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे ने एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में कहा, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’ उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खरगे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जेल भेजने की बात कही। इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, ‘‘जब तक विद्रोह नहीं होगा, (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी कहीं नहीं जाएंगे।’’

इस पर खरगे ने जवाब दिया, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’

बाद में पत्रकारों से बातचीत में उस व्यक्ति ने अपनी पहचान संतोष कुमार बताई। उसने दावा किया कि वह छपरा का कांग्रेस कार्यकर्ता है। कुमार के मुताबिक, उसकी टिप्पणी का आशय यह था कि देश में विद्रोह होने तक नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। उसने यह भी कहा कि कार्यक्रम में बोलने के बाद कुछ लोगों ने उसे भाजपा कार्यकर्ता समझ लिया।

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक मर्यादा होती है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के प्रति अमर्यादित और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस के वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है।

नवीन ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों से दिवंगत परिजनों को राजनीतिक भाषणों में घसीटना विपक्ष की कार्यशैली का हिस्सा बन गया है।

भाजपा ने भी अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर खरगे की भाषा की आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीतिक शैली में अभद्रता बढ़ रही है।

अमित शाह बोले- कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं पार कीं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है।

शाह ने कहा कि इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर विवादित टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में हताशा बढ़ी है और पार्टी के पास अब मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों की राजनीति रह गई है।

शाह ने ‘एक्स’ पर यह भी कहा कि जनता के बीच अपना आधार खो रही कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं के बीच भी समर्थन खो रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री या उनके परिवार के खिलाफ ऐसी टिप्पणियों पर जनता पहले भी कांग्रेस को जवाब दे चुकी है।

बिहार के मुख्यमंत्री ने मांगी माफी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खरगे के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के पिता को लेकर की गई टिप्पणी से कांग्रेस की सोच का पता चलता है।

चौधरी ने टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।

जेपी नड्डा और रविशंकर प्रसाद ने भी की आलोचना

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से निराश कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करके अपनी राजनीतिक नाराजगी जाहिर कर रही है।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और जनता के समर्थन से विपक्ष की बेचैनी उसकी भाषा और व्यवहार में दिखाई दे रही है।

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी खरगे की टिप्पणी को शर्मनाक और अमर्यादित बताया। उन्होंने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफी की मांग की।

JDU और NDA के सहयोगी दलों ने भी जताई नाराजगी

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद ने एक वीडियो बयान में खरगे की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आचरण और दृष्टिकोण में बड़े बदलाव की उम्मीद कम है।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी बयान को अफसोसजनक बताया। उन्होंने कहा कि बिहार सभ्यता की जन्मस्थली है और यहां से प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक विरोध व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय तथ्यों और तर्कों पर आधारित होना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री का उल्लेख करते समय मर्यादा बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी नेता को गाली देने से वह कमजोर नहीं होता, बल्कि ऐसा करने वाले की सोच उजागर होती है।

राजनाथ सिंह ने राजनीतिक गरिमा का मुद्दा उठाया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति का स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने कहा कि वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना और प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाना राजनीतिक हताशा तथा वैचारिक शून्यता को दर्शाता है।

राजनाथ सिंह के मुताबिक, इस तरह की टिप्पणियां केवल किसी व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं हैं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा को भी प्रभावित करती हैं।

बयान से बढ़ा राजनीतिक टकराव

पटना में खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा और NDA के कई नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा और माफी की मांग की। विवाद के केंद्र में राजनीतिक विरोध के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने का मुद्दा है। इस घटनाक्रम ने बिहार में राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।