बहू को अचार खाता देख सास बोली-
कोई खुशखबरी है क्या?
बहू- मांजी जमाना बदल गया है,
मैं रात का नशा उतारने के लिए
अचार खा रही हूं
सास बेहोश…….
सास-बहू बाजार जा रही थीं
तभी एक अंधा वहां से निकलते हुए बोला-
ऐ हुस्न की मल्लिका, अंधे को 5 रुपए दे दे
सास ने बहू की तरफ देखा और बोली-
दे दो बहू, ये वाकई अंधा है…….


