नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026। मानसून की बारिश ने राजधानी दिल्ली को गर्मी और उमस से राहत जरूर दी है, लेकिन कई प्रमुख सड़कों की खराब हालत ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में गड्ढे, टूटी सड़कें और जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
गीता कॉलोनी से मथुरा रोड तक सड़कें खराब
बारिश के बाद पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी क्षेत्र से लेकर दक्षिण दिल्ली के मथुरा रोड तक कई महत्वपूर्ण मार्गों पर सड़क की स्थिति खराब होने की शिकायत सामने आ रही है। जगह-जगह गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
मथुरा रोड पर अपोलो अस्पताल, सरिता विहार और आसपास के इलाकों में सड़क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। यह मार्ग मध्य दिल्ली को आश्रम, जसोला, बदरपुर और फरीदाबाद से जोड़ता है, इसलिए सड़क की खराब स्थिति का असर बड़ी संख्या में वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
गीता कॉलोनी और मोदी मिल के पास भी गड्ढे
गीता कॉलोनी ब्रिज से राजघाट की ओर जाने वाले मार्ग और मोदी मिल के आसपास भी सड़क पर गड्ढों की समस्या सामने आई है। बारिश के पानी से गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों के लिए सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
खराब ड्रेनेज से तेजी से टूट रही सड़कें
विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब जल निकासी व्यवस्था सड़कों के तेजी से क्षतिग्रस्त होने की प्रमुख वजहों में से एक है। लंबे समय तक सड़क पर पानी जमा रहने से बिटुमिन की परत कमजोर हो जाती है। इसके बाद भारी यातायात के दबाव में सड़क पर गड्ढे बनने लगते हैं और क्षतिग्रस्त हिस्से तेजी से बढ़ सकते हैं।
करीब 1,400 किलोमीटर सड़कें PWD के दायरे में
दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकार क्षेत्र में करीब 1,400 किलोमीटर सड़कें आती हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और गड्ढों को भरने का काम किया जाता है।
हालांकि, हर मानसून में सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या दोहराए जाने से स्थायी समाधान और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की जरूरत पर सवाल उठते हैं।
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