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शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स फिसला, निफ्टी 23,724 पर कायम

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admin
4 नवंबर 2026 | 11:27 am IST
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4 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले। बाजार में हालिया तेजी के टिकाऊ रहने को लेकर निवेशक सतर्क नजर आए।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 64.74 अंक यानी 0.08 प्रतिशत गिरकर 76,853.11 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 68.6 अंक की गिरावट के साथ 23,742.25 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 76,917.85 और निफ्टी 23,810.85 पर बंद हुआ था।

शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बीएसई मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 48.36 अंक गिरा, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 15.85 अंक यानी 0.18 प्रतिशत फिसलकर 8,696.05 पर आ गया।

ITC और SBI के शेयरों में तेजी, HCL टेक में सबसे ज्यादा गिरावट

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ITC, SBI, M&M, इंडिगो और BEL बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ITC का शेयर 1.66 प्रतिशत चढ़कर सबसे ज्यादा लाभ में रहा।

इसके विपरीत ट्रेंट, HCL टेक, TCS, इंफोसिस, एटरनल और पावर ग्रिड के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। HCL टेक का शेयर 1.18 प्रतिशत टूटकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा।

शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख कमजोर रहा। NSE पर 1,057 शेयरों में तेजी, जबकि 1,304 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 167 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत

निफ्टी 50 की दिशा का शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी कमजोरी के साथ खुला। यह अपने पिछले बंद स्तर 23,760 से 19.5 अंक गिरकर 23,740.50 पर पहुंच गया।

इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार, 4 नवंबर को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी। उन्होंने 6,836.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बिकवाली जारी रखते हुए 643.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

बाजार में आगे तेजी से पहले सावधानी बरतने की सलाह

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट दीपेश सरावगी के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर बाजार थोड़ा खिंचा हुआ नजर आ रहा है।

उन्होंने कहा कि FIIs की लगातार खरीदारी बाजार के सेंटीमेंट को मजबूती दे रही है। हालांकि, बैंक निफ्टी का मूविंग एवरेज के स्तरों को पार नहीं कर पाना और निफ्टी में मुनाफावसूली की आशंका निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

उनके अनुसार, ट्रेडर्स को नई खरीदारी करने से पहले बाजार से स्पष्ट संकेत मिलने का इंतजार करना चाहिए। बिना पुष्टि के तेजी की उम्मीद में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट, निक्केई और कोस्पी दबाव में

अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी के बावजूद एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिकी बाजार में नैस्डैक ने बढ़त दर्ज की। AI से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में सुधार इसका प्रमुख कारण रहा।

हालांकि, एशियाई बाजारों में बिकवाली का दबाव बना रहा। रिपोर्ट लिखे जाने के समय प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन इस प्रकार था:

जापान का निक्केई 225: 2,631.86 अंक यानी 4.17 प्रतिशत गिरकर 60,450 पर।

हांगकांग का हैंग सेंग: 47.97 अंक यानी 0.20 प्रतिशत नीचे।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी: 209.26 अंक यानी 3.70 प्रतिशत गिरावट।

शंघाई SSE कंपोजिट: 3.73 अंक यानी 0.10 प्रतिशत नीचे।

वैश्विक बाजारों में कमजोरी और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली के बीच भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेश के रुझान और प्रमुख सूचकांकों की आगे की चाल पर रहेगी।