बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को अहम सुराग मिला है। पुलिस ने गुजरात के सूरत से दो हथियार और 10 कारतूस बरामद किए हैं। आशंका है कि इनका इस्तेमाल अभिनेता की कार पर गोली चलाने वाले हमलावरों ने किया था। पुलिस अब हथियारों की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच के जरिए मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सूरत में छापेमारी के दौरान बरामद हुए हथियार
मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच कर रही टीम ने शुक्रवार को विशेष अभियान के तहत सूरत में छापेमारी की। इस दौरान दो हथियार और 10 कारतूस बरामद किए गए।
जांचकर्ताओं ने हमलावरों को हथियार उपलब्ध कराने वालों के बारे में जानकारी जुटाई थी। इसी आधार पर पुलिस टीम सूरत स्थित एक ठिकाने तक पहुंची, जहां से हथियार बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद हथियारों और कारतूसों को फॉरेंसिक जांच तथा बैलिस्टिक परीक्षण के लिए भेज दिया है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन हथियारों से चलाई गई गोलियां घटनास्थल से मिले खाली कारतूसों से मेल खाती हैं या नहीं।
हथियारों की सप्लाई करने वालों की तलाश
मुंबई क्राइम ब्रांच अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने कथित तौर पर हमलावरों को हथियार मुहैया कराए थे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से आए और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
हमले के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई हैं। मामले से जुड़ी अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है।
18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर सवार कम से कम दो हमलावरों ने अभिनेता की गाड़ी को निशाना बनाया और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक राहगीर को गोली लगने से चोटें आईं। दोनों घायलों का इलाज किया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर थी।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कथित सदस्यों ने ली जिम्मेदारी
गोलीबारी की घटना के कुछ समय बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के दो कथित सदस्यों, अनिल पंडित और हरमन संधू, ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। हालांकि, इस दावे और हमले में उनकी कथित भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकेगी।
पुलिस अब बरामद हथियारों, कारतूसों और अन्य सबूतों की जांच के साथ आरोपियों की तलाश में जुटी है।







