‘मोदी जैसे प्रधानमंत्री होते तो नहीं होता नुकसान’
सिद्धार्थनगर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर 1947 के विभाजन के समय नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री होते, तो कोई भी भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकता था।
उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिंसा और विस्थापन का सामना करना पड़ा। योगी ने इसे इतिहास का ऐसा अध्याय बताया, जिससे देश को सबक लेना चाहिए।
‘इतिहास के काले अध्यायों से सीखना जरूरी’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों हिंदुओं के नरसंहार का दावा करते हुए सवाल उठाया कि उस समय उनकी पीड़ा सुनने वाला कौन था।
उन्होंने कहा कि देश को यह समझने की जरूरत है कि विभाजन की परिस्थितियां क्यों बनीं, इसके लिए कौन जिम्मेदार था और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनके मुताबिक, इतिहास की गलतियों से सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना चाहिए।
विभाजन को सत्ता के लालच से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने 1947 में सीमाओं के निर्धारण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे क्षेत्र भी पाकिस्तान को दिए गए, जिनकी मांग वहां के समर्थकों ने भी नहीं की थी।
योगी ने पंजाब और बंगाल के हिंदू-बहुल क्षेत्रों के विभाजन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यह सब सत्ता हासिल करने के लालच में किया गया।
‘देश के भीतर की एकता कमजोर थी’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय भारत के पास शक्ति और समझदारी की कमी नहीं थी, लेकिन समाज जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बंटा हुआ था।
उन्होंने कहा कि जब देश पर हमला हो रहा था या किसी जाति और समाज पर अत्याचार हो रहा था, तब भी कई लोग चुप रहे। उनके अनुसार, आपसी विभाजन ने देश को कमजोर किया।
आजादी की लड़ाई का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए महान लोगों ने संघर्ष किया था। उन्होंने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ जैसे नारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वार्थ और विभाजनकारी राजनीति के कारण लोगों को क्षेत्र और धर्म के आधार पर बांटा गया।
योगी ने कहा कि इसका असर देश को आज भी झेलना पड़ रहा है।
आतंकवाद और मौजूदा चुनौतियों से जोड़ा
योगी आदित्यनाथ ने विभाजन के परिणामों को वर्तमान चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि देश आज आतंकवाद और विभिन्न साजिशों के रूप में इसकी कीमत चुका रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले लोगों को याद रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
अखंड भारत का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश कभी अखंड भारत का हिस्सा हुआ करते थे। उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अशांति फैलाने की साजिशें भी रची गईं, लेकिन जनता ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।
योगी ने अपने संबोधन में देश की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इतिहास से सबक लेकर राष्ट्र को आगे बढ़ना चाहिए।







