भारतीय जनता पार्टी के नेता Nishikant Dubey ने नेहरू-गांधी परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस की विचारधारा में सनातन विरोध शामिल है। उन्होंने कहा कि अतीत से लेकर वर्तमान तक ऐसे कई उदाहरण सामने आते हैं।
सोमनाथ मंदिर को लेकर उठाया मुद्दा
दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru पर आरोप लगाया कि उन्होंने Somnath Temple के उद्घाटन में बाधा डालने की कोशिश की थी। उन्होंने 22 अप्रैल 1951 के एक सरकारी नोट का हवाला देते हुए कहा कि नेहरू इस आयोजन के पक्ष में नहीं थे।
राजेंद्र प्रसाद और सरदार पटेल का जिक्र
उन्होंने बताया कि तत्कालीन राष्ट्रपति Rajendra Prasad और Sardar Vallabhbhai Patel के समर्थन से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। दुबे के अनुसार, इस दौरान नेहरू द्वारा कुछ आपत्तियां भी जताई गई थीं।
अन्य नेताओं पर भी आरोप
दुबे ने दावा किया कि नेहरू ने इस मुद्दे पर अन्य नेताओं को भी प्रभावित करने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री Liaquat Ali Khan का भी उल्लेख किया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अयोध्या को लेकर भी टिप्पणी
कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए दुबे ने Sonia Gandhi और Rahul Gandhi को लेकर कहा कि उन्होंने Ram Mandir Ayodhya के दर्शन नहीं किए हैं।
राजनीतिक बयानबाज़ी पर जोर
यह बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है। ऐसे मामलों में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दृष्टिकोण होते हैं, इसलिए तथ्यों की पुष्टि और संतुलित समझ जरूरी होती है।