Jis Par Ho Hanuman Ki Kripa Lyrics: जिस पर हो हनुमान की कृपा, तकदीर का धनी वो नर है… यह भगवान हनुमान जी का अत्यंत लोकप्रिय भजन है। इस भजन को आप हनुमान जी की पूजा, आराधना, मंगलवार या शनिवार के दिन भक्ति भाव से गा और सुन सकते हैं। मान्यता है कि इस भजन के गायन से भक्तों के जीवन में साहस, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
हनुमान जी का भजन – Lord Hanuman Bhajan
जिस पर हो हनुमान की कृपा,
तकदीर का धनी वो नर है,
रखवाला हो मारुती नंदन,
फिर किस बात का डर है,
भजन पवन सुत का कीजिए,
नाम अमृत का प्याला पीजिए ॥
हनुमान जी का दिव्य स्वरूप
शीश मुकुट कान में कुण्डल,
लाल सिन्दूर से काया,
लाल लंगोटे वाला हनुमत,
माँ अंजनी का जाया,
नाश करे दुष्टों का,
भक्तों का भय लेता हर है,
रखवाला हो मारुती नंदन,
फिर किस बात का डर है,
भजन पवन सुत का कीजिए,
नाम अमृत का प्याला पीजिए ॥
संकटमोचन हनुमान की महिमा
आई घड़ी जब-जब दुविधा की,
राम के काम बनाए,
मात सिया वरदान दिया,
संकट मोचन कहलाए,
पूजा मंगल शनि करे,
मंगल होता उस घर है,
रखवाला हो मारुती नंदन,
फिर किस बात का डर है,
भजन पवन सुत का कीजिए,
नाम अमृत का प्याला पीजिए ॥
भक्तों के कष्ट हरने वाले बजरंगबली
बल देते हो निर्बल को,
निर्धन को माया देते,
रोग कष्ट कटते रोगी को,
निर्मल काया देते,
‘लख्खा’ की भी सुध लेना,
चरणों का ‘सरल’ चाकर है,
रखवाला हो मारुती नंदन,
फिर किस बात का डर है,
भजन पवन सुत का कीजिए,
नाम अमृत का प्याला पीजिए ॥
भजन का समापन
जिस पर हो हनुमान की कृपा,
तकदीर का धनी वो नर है,
रखवाला हो मारुती नंदन,
फिर किस बात का डर है,
भजन पवन सुत का कीजिए,
नाम अमृत का प्याला पीजिए ॥