लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि विशेष संसदीय सत्र के दौरान तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी।
इन विधेयकों पर शुक्रवार शाम 4 बजे मतदान तय किया गया है।
बहस के समय को लेकर मतभेद
सदन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि:
बहस लगभग 12 घंटे तक चलेगी
स्पीकर को चर्चा का समय बढ़ाने का अधिकार होना चाहिए
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान अगले दिन किया जाएगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों पर एक साथ चर्चा करने का विरोध किया।
उन्होंने कहा:
यह संसदीय प्रक्रिया के खिलाफ है
इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं
संविधान संशोधन बिल के खारिज होने की आशंका है, तो इसे लाने का औचित्य क्या है?
कौन-कौन से बिल हुए पेश?
सरकार ने विपक्ष के विरोध के बीच तीन बड़े विधेयक पेश किए:
संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026
परिसीमन विधेयक, 2026
संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026
इनमें:
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दो विधेयक पेश किए
गृह मंत्री अमित शाह ने तीसरा विधेयक पेश किया
शुरुआती वोटिंग के आंकड़े
संविधान संशोधन विधेयक को पेश करने के प्रस्ताव पर:
251 वोट पक्ष में
185 वोट विरोध में पड़े
संसद में इन तीन अहम बिलों को लेकर सियासी माहौल गर्म है।
एक तरफ सरकार इन्हें जरूरी सुधार बता रही है,
वहीं विपक्ष प्रक्रिया और मंशा दोनों पर सवाल उठा रहा है।
अब नजर शुक्रवार को होने वाली वोटिंग पर है, जहां इन विधेयकों का भविष्य तय होगा।