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खड़गे का केंद्र पर हमला: ‘दोषपूर्ण परिसीमन बिल लोकतंत्र पर कुटिल प्रहार’

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लोकसभा में संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के नाम पर लाए गए परिसीमन विधेयक का एकजुट होकर विरोध करेगा।

खड़गे ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा:

विपक्ष इन “दोषपूर्ण” विधेयकों को संसद पर हावी नहीं होने देगा

लोकतंत्र पर इस “कुटिल हमले” का पूरी ताकत से मुकाबला किया जाएगा

विधेयकों को लेकर बढ़ा विवाद

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने के लिए संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किए गए।
विपक्ष ने ध्वनि मत के बजाय विभाजन (डिवीजन) की मांग की और प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

सरकार ने विरोध के बीच तीन बड़े विधेयक पेश किए:

संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026

परिसीमन विधेयक, 2026

संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026

वोटिंग और राजनीतिक टकराव

संविधान संशोधन विधेयक पेश करने के प्रस्ताव पर:

251 वोट पक्ष में

185 वोट विरोध में पड़े

इससे पहले कांग्रेस, सपा, डीएमके समेत कई विपक्षी दलों ने इन विधेयकों को:

“असंवैधानिक” बताया

और इनके समय पर सवाल उठाए

 विपक्ष के बड़े आरोप

कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा:

यह विधेयक भारत के संघीय ढांचे पर हमला है

जब 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हो चुका था, तो अब इसे क्यों लाया जा रहा है?

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि:

2029 चुनाव को लेकर डर की वजह से ये कदम उठाया गया है

विधेयकों को वापस लिया जाना चाहिए

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी सरकार को घेरा:

अखिलेश यादव:

सरकार इतनी जल्दबाजी में ये बिल क्यों ला रही है?

धर्मेंद्र यादव:

यह संविधान की भावना के खिलाफ है

परिसीमन को जनगणना से अलग करना गलत है

परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े इन विधेयकों को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है।

एक तरफ सरकार इसे सुधारात्मक कदम बता रही है,
वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए खतरा मानते हुए विरोध कर रहा है।

अब आने वाले दिनों में इन विधेयकों पर बहस और टकराव और तेज होने की संभावना है।

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