सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए राजनीतिक दल बदलना गलत है और यह संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
दल-बदल पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में ANI से बातचीत में हजारे ने कहा कि एक पार्टी छोड़कर दूसरी में जाना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश संविधान के आधार पर चलता है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को उसी के अनुरूप आचरण करना चाहिए।
‘पार्टी सही होती तो नेता नहीं जाते’
अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि अगर पार्टी सही दिशा में चल रही होती, तो राघव चड्ढा समेत अन्य सांसद उसे नहीं छोड़ते। उनका यह बयान AAP के भीतर चल रहे विवादों की ओर इशारा करता है।
AAP से पुराना रिश्ता
अन्ना हजारे 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे हैं, जिससे आम आदमी पार्टी का उदय हुआ। हालांकि बाद में अरविंद केजरीवाल के साथ उनके मतभेद हो गए और उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली।
राजनीतिक घटनाक्रम तेज
हाल ही में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल सहित कई सांसदों ने AAP छोड़ने की घोषणा की और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। इस फैसले का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया।
AAP की रणनीतिक बैठक
इस घटनाक्रम के बीच AAP ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने गुजरात दौरे से लौटने के बाद अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने बैठक में पार्टी में आई फूट और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।