शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसदों के दल-बदल को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को “बकासुरों की पार्टी” बताते हुए कहा कि उसकी “भूख कभी खत्म नहीं होती।”
‘बेशर्म राजनीति’ का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा कि भाजपा की राजनीति को एक शब्द में “बेशर्म” कहा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता पहले भाजपा की आलोचना करते थे, वही अब उसी पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
‘बकासुर’ से तुलना
राउत ने भाजपा की तुलना महाभारत के राक्षस बकासुर से करते हुए कहा कि जैसे बकासुर की भूख कभी शांत नहीं होती, वैसे ही भाजपा हर किसी को अपने साथ मिलाने की कोशिश करती है।
AAP सांसदों के जाने पर प्रतिक्रिया
राउत ने राघव चड्ढा समेत अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर कहा कि उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता “सोशल मीडिया के पेज-3” तक सीमित हैं और विपक्ष इससे कमजोर नहीं होगा।
BJP में शामिल हुए नेता
हाल ही में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत कई सांसदों ने AAP छोड़कर भाजपा जॉइन की। इस कदम का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया।
भाजपा का जवाब
भाजपा की ओर से नितिन नबीन ने इन नेताओं का स्वागत किया और उन्हें “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के लिए काम करने का आह्वान किया। वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे स्वाभाविक राजनीतिक प्रक्रिया बताया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
AAP में आई इस बड़ी टूट के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष भाजपा पर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे अपनी राजनीतिक मजबूती के रूप में पेश कर रही है।