NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

हनीमून बना फैमिली ट्रिप, दुल्हन ने मांगा तलाक

Share This Post

फिल्मों में परिवार के साथ हनीमून का विचार भले ही मनोरंजक और आदर्शवादी लगे, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा ही एक मामला एक नवविवाहित जोड़े के रिश्ते में बड़ी दरार की वजह बन गया। शादी के बाद पति द्वारा हनीमून पर पूरे परिवार को साथ ले जाने से नाराज़ दुल्हन ने तलाक की मांग कर दी है। मामला अब पारिवारिक परामर्श केंद्र (फैमिली काउंसलिंग सेंटर) तक पहुंच चुका है।

ड्रीम हनीमून से शुरू हुआ विवाद

पारिवारिक परामर्श केंद्र के अनुसार, महिला का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद जब हनीमून की योजना बनाई गई, तो पति अपने माता-पिता, भाई और बहन को भी साथ ले गए।

दुल्हन का कहना है कि वह हनीमून को वैवाहिक जीवन की एक निजी और यादगार शुरुआत मान रही थीं, लेकिन यह यात्रा एक पारिवारिक ट्रिप में बदल गई। इसके कारण उन्हें अपने पति के साथ अकेले समय बिताने का अवसर नहीं मिला।

रिश्ते में बढ़ने लगी दूरियां

महिला के मुताबिक, हनीमून पति-पत्नी को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने और भावनात्मक रूप से करीब आने का अवसर देता है। लेकिन परिवार के सदस्यों की लगातार मौजूदगी के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।

धीरे-धीरे यह निराशा बहस और विवाद में बदल गई, जिसके बाद मामला काउंसलिंग सेंटर तक पहुंच गया।

पति का पक्ष: परिवार को साथ ले जाना गलत नहीं

दूसरी ओर, पति इस पूरे विवाद को अलग नजरिए से देखते हैं।

‘मैं सबको खुश रखना चाहता था’

काउंसलर्स के अनुसार, पति का कहना है कि उनका उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों को खुश रखना था। उन्हें नहीं लगता कि माता-पिता और भाई-बहनों को यात्रा में शामिल करना कोई गलती थी।

उनका मानना है कि परिवार के साथ समय बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण है और उनकी नीयत में कोई गलत बात नहीं थी।

अलग-अलग सोच बनी विवाद की वजह

काउंसलर्स का कहना है कि इस मामले में सबसे बड़ी समस्या दोनों की अलग-अलग अपेक्षाएं और सोच हैं।

जहां पत्नी हनीमून को पति-पत्नी के निजी समय और रिश्ते को मजबूत करने का अवसर मानती हैं, वहीं पति इसे परिवार के साथ खुशियां साझा करने का माध्यम मानते हैं।

यही मतभेद धीरे-धीरे गंभीर वैवाहिक विवाद में बदल गया।

तीन बार हुई काउंसलिंग, फिर भी नहीं निकला समाधान

मामले में अब तक तीन दौर की काउंसलिंग हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्ष किसी साझा निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं।

समझौते की कोशिश जारी

हाल ही में एक और काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें दंपति को अपने भविष्य के बारे में गंभीरता से विचार करने का समय दिया गया।

हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष ने अपने रुख में नरमी नहीं दिखाई है। ऐसे में मामला तलाक की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है।

मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई थी शादी

यह मामला मेरठ जिले के रामराज क्षेत्र की एक महिला और दिल्ली के पटेल नगर निवासी युवक से जुड़ा है।

महिला स्नातक है, जबकि युवक ने सिंगापुर से हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की शादी एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से तय हुई थी और परिवारों को इस रिश्ते से काफी उम्मीदें थीं।

रिश्ते को बचाने की अंतिम कोशिश

जिस हनीमून को रिश्ते की नई शुरुआत माना जा रहा था, वही दोनों के बीच तनाव का कारण बन गया। फिलहाल पारिवारिक परामर्श केंद्र के काउंसलर दोनों को समझाने और रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, यदि दोनों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो मामला कानूनी रूप से तलाक की प्रक्रिया तक पहुंच सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *