देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर इन दावों के वायरल होने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर, अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पिछले पांच वर्षों के खातों का दोबारा ऑडिट (री-ऑडिट) करेगी।
बद्रीनाथ धाम मामले में बनी जांच समिति
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
‘निजी सचिव’ बताए जाने के दावे का किया खंडन
हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर वायरल उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें आरोपी कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि BKTC का नियमित कर्मचारी है।
दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
BKTC के अध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगड़ ने बताया कि जांच समिति उपलब्ध दस्तावेजों, CCTV फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएं साझा न करें।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के खातों का होगा री-ऑडिट
उधर, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के दान और वित्तीय लेनदेन को लेकर उठे सवालों के बीच विशेष जांच दल (SIT) ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का दोबारा ऑडिट करेगा।
सूत्रों के अनुसार, री-ऑडिट के दौरान निर्माण कार्यों पर हुए खर्च के अलावा दान में मिले गहनों, सोने-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का भी विस्तृत सत्यापन किया जाएगा।
विनय कटियार का बड़ा बयान
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई है।
कटियार ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
RSS ने जताई चिंता
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि दान में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो इससे करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है।
RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ताकतें इस मुद्दे का इस्तेमाल हिंदू समाज और धार्मिक संस्थाओं को बदनाम करने के लिए कर सकती हैं, इसलिए लोगों को संयम और धैर्य बनाए रखना चाहिए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
RSS के बयान के बाद कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने RSS के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे मामले को हल्का दिखाने की कोशिश बताया।
वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं पर निशाना साधा।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल बद्रीनाथ धाम और राम जन्मभूमि ट्रस्ट, दोनों मामलों में जांच जारी है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।