National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

त्रिशा पर कथित टिप्पणी से तमिलनाडु में सियासी बवाल, महिला आयोग पहुंचा मामला

a
admin
04 अगस्त 2026 को 05:28 am बजे
Featured Image

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता उदयनिधि स्टालिन एक वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध रैली के दौरान दिए गए उनके एक कथित बयान पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उदयनिधि स्टालिन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का नाम लेते हुए भाषण दे रहे हैं। इसी दौरान अभिनेत्री त्रिशा का नाम लेकर लगाए गए नारों के बीच उनकी एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह टिप्पणी द्विअर्थी (Double Meaning) और आपत्तिजनक थी।

रैली के दौरान क्या कहा गया?

कावेरी मुद्दे पर आयोजित रैली में उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कावेरी का पानी राज्य को नहीं मिल रहा, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिख रही।

भाषण के दौरान भीड़ से बार-बार “त्रिशा-त्रिशा” के नारे लगाए गए। इसके बाद उदयनिधि ने एक टिप्पणी की, जिसे विपक्ष ने अभिनेत्री त्रिशा की ओर इशारा बताते हुए विवादित करार दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि उनका संदर्भ कावेरी के पानी से था।

TVK ने जताई कड़ी आपत्ति

तमिलागा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायक रेवंत चरण ने इस कथित टिप्पणी को “घिनौना” और “अस्वीकार्य” बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है और इससे सार्वजनिक जीवन का स्तर गिरता है। चरण ने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए इस प्रकार की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए।

BJP ने भी साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई ने भी उदयनिधि स्टालिन की कथित टिप्पणी की आलोचना की।

राज्य बीजेपी प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने इसे “अशोभनीय और शर्मनाक” बताते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद पर संबंधित पक्षों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

महिला आयोग से कार्रवाई की मांग

TVK ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

पार्टी का कहना है कि यदि सार्वजनिक मंच से महिलाओं के बारे में इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे महिलाओं की गरिमा प्रभावित होती है और समाज में गलत संदेश जाता है।

पत्र में आयोग से वायरल वीडियो का संज्ञान लेने, मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही, संबंधित बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण और बिना शर्त माफी की भी मांग उठाई गई है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। एक पक्ष जहां बयान को आपत्तिजनक बता रहा है, वहीं कुछ लोग उदयनिधि स्टालिन के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए इसे गलत संदर्भ में पेश किए जाने का दावा कर रहे हैं।

फिलहाल इस विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।