कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के पंजीकरण को लेकर चुनाव आयोग पर नए आरोप लगाए हैं। कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने दावा किया है कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 की ऑनलाइन प्रक्रिया में ऐसी अतिरिक्त जानकारी मांगी जा रही है, जिससे युवा मतदाताओं के लिए पंजीकरण मुश्किल हो सकता है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के अनुसार, SIR-2026 के तहत जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 और संबंधित घोषणा पत्र के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 सितंबर 2026 तक है।
जयराम रमेश ने फॉर्म-6 में बदलाव का लगाया आरोप
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आरोप लगाया कि ऑनलाइन फॉर्म-6 में एक अतिरिक्त अनिवार्य हिस्सा जोड़ा गया है, जिसमें आवेदक से उसके माता-पिता या दादा-दादी के पिछले SIR में शामिल होने से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है।
कांग्रेस नेता का दावा है कि इससे पहली बार मतदाता बनने वाले Gen Z युवाओं के सामने अतिरिक्त बाधा पैदा हो सकती है। उन्होंने इस कथित बदलाव की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए हैं।
इन दावों पर चुनाव आयोग की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है, इसलिए फॉर्म में बदलाव और उसके कानूनी प्रभाव से जुड़े दावों को कांग्रेस के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
29 और 30 सितंबर को युवा मतदाताओं के लिए विशेष कैंप
इस बीच दिल्ली के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में 29 और 30 सितंबर को विशेष मतदाता नामांकन शिविर आयोजित किए जाने हैं। इन शिविरों का उद्देश्य 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में सहायता देना है। रिपोर्टों के अनुसार ये कैंप सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा 27 सितंबर को भी दिल्ली में ऐसे पात्र नागरिकों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिनका नाम SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
कांग्रेस ने विशेष कैंप के समय पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने युवा मतदाताओं के लिए विशेष नामांकन शिविर आयोजित करने के फैसले को भी अपने आरोपों से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि प्रक्रिया पहले से सरल और सुगम होती तो बाद में विशेष कैंप लगाने की जरूरत क्यों पड़ती।
हालांकि चुनाव अधिकारियों की ओर से इन शिविरों का घोषित उद्देश्य पात्र युवाओं का अधिकतम नामांकन सुनिश्चित करना है।
फॉर्म बदलने के अधिकार पर भी कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म में बदलाव की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित बदलाव बिना आवश्यक नियम संशोधन के किया गया।
इस मुद्दे पर अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं, चुनाव आयोग के आदेशों और लागू चुनावी नियमों के आधार पर ही तय होगी।
दिल्ली में चल रहा है SIR-2026
दिल्ली में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 चल रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी।
अब Gen Z मतदाताओं के पंजीकरण और फॉर्म-6 की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। चुनाव आयोग की विस्तृत प्रतिक्रिया आने पर इस विवाद की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।







