National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

महाराष्ट्र के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित, किसानों को मिलेगी राहत

a
admin
26 सितंबर 2026 | 01:13 pm IST
Featured Image

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया। राज्य में कुल 358 तालुके हैं, जिनमें से 265 को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इस फैसले से राज्य के बड़े हिस्से में प्रभावित किसानों को सरकारी राहत और सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

लातूर और धाराशिव में हालात बेहद गंभीर

इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठवाड़ा के लातूर और धाराशिव जिलों में सूखे जैसे हालात को बेहद गंभीर बताया था। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में इस वर्ष सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, जिससे जल संकट और फसलों को नुकसान की स्थिति पैदा हुई है।

मुख्यमंत्री ने लातूर की निलंगा तहसील का दौरा कर किसानों से बातचीत की और फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने धाराशिव के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने सोलापुर जिले के बारशी क्षेत्र में भी सोयाबीन की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली।

फसल नुकसान का सर्वे, सरकार ने जुटाई रिपोर्ट

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जबकि कई इलाकों में नुकसान साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने संबंधित रिपोर्टें एकत्र कर ली हैं और उसी के आधार पर राहत उपाय लागू किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूखे की स्थिति को गंभीरता से ले रही है और प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

किसानों को मिलेंगी कई राहतें

सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों के लिए सरकार की ओर से कई राहत उपाय लागू किए जाएंगे। इनमें भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन और कृषि ऋण की वसूली पर रोक जैसे कदम शामिल हैं।

इसके अलावा खेतों में लगे बिजली पंपों के बिलों में भी राहत दी जाएगी। 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों के बिजली बिल पहले ही माफ किए जा चुके हैं, जबकि अब अधिक क्षमता वाले पंपों को भी राहत देने की बात कही गई है।

छात्रों और ग्रामीण रोजगार को भी राहत

सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट देने का भी फैसला किया है।

इसके साथ ही रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देकर ग्रामीण इलाकों में अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों की आय पर पड़े असर को कम किया जा सके।

पानी और चारे की व्यवस्था पर जोर

राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर भी जोर दिया है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित गांवों में पानी के टैंकर भेजे जाएंगे।

सरकार का कहना है कि राहत उपायों का उद्देश्य किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ पानी, बिजली, शिक्षा और रोजगार जैसी जरूरी सुविधाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना है।