नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। राजधानी दिल्ली में गैंगवार, संगठित अपराध और छोटे आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए प्रावधानों के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस खास तौर पर धारा 111—संगठित अपराध और धारा 112—छोटे संगठित अपराध के तहत मामले दर्ज कर आपराधिक नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है।
संगठित अपराध के मामलों में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के शुरुआती पांच महीनों में दिल्ली में संगठित और छोटे संगठित अपराध से जुड़ी घटनाओं में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इसी अवधि में पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारियों में लगभग 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसे अपराधियों के खिलाफ पुलिस की तेज कार्रवाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
BNS की धारा 111 में किन अपराधों पर कार्रवाई?
BNS की धारा 111 के तहत संगठित अपराधों से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। इनमें जबरन वसूली, अपहरण, लूट, वाहन चोरी, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, जमीन पर कब्जा, साइबर अपराध तथा हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराध शामिल हैं।
धारा 112 में छोटे संगठित अपराध पर फोकस
वहीं, धारा 112 के तहत गिरोह बनाकर चोरी, स्नैचिंग, धोखाधड़ी, अवैध सट्टेबाजी और इसी तरह के छोटे संगठित अपराधों पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अब ऐसे मामलों में भी गिरोह और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर विशेष ध्यान दे रही है।
पूरे आपराधिक नेटवर्क पर कार्रवाई
पुलिस का मानना है कि इन प्रावधानों के इस्तेमाल से केवल किसी एक अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पूरे आपराधिक नेटवर्क और उसे सहयोग देने वालों को कानून के दायरे में लाना आसान हो रहा है। इससे गैंग आधारित अपराधों के खिलाफ कानून-व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बदली रणनीति से अपराधियों पर बढ़ेगा दबाव
दिल्ली पुलिस की रणनीति अब केवल वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं है। फोकस गैंग, नेटवर्क और सहयोगियों की पूरी कड़ी तक पहुंचने पर है। ऐसे में BNS की धारा 111 और 112 के तहत बढ़ती कार्रवाई से संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
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