नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले सिंघु बॉर्डर के पास स्थित गुरु तेग बहादुर स्मारक की दीवारों पर कथित तौर पर BRICS विरोधी और खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखे जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की जा रही है।
तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में 31 वर्षीय प्रीतपाल सिंह भी शामिल है, जो कानून की पढ़ाई कर चुका है। पुलिस का दावा है कि उसके प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से संबंध हैं और वह संगठन के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, प्रीतपाल के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं।
ग्रैफिटी की साजिश का पुलिस ने किया दावा
जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रीतपाल सिंह ने कथित तौर पर ग्रैफिटी लिखवाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने दो अन्य आरोपियों—हरमिंदर सिंह और निरंजन सिंह—को करीब 1.5 लाख रुपये देने की पेशकश की थी। दोनों आरोपियों को पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है।
CCTV फुटेज से आवाजाही की जांच
पुलिस जांच में CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की दिल्ली तक की आवाजाही का पता लगाने का दावा किया गया है। एजेंसियां अब मामले में कथित नेटवर्क और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही हैं।
BRICS से पहले बढ़ाई गई थी सुरक्षा
BRICS सम्मेलन के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बेहद कड़ी थी। भारत मंडपम् और आसपास के इलाकों में VVIP मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए थे। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से ठीक पहले सामने आए ग्रैफिटी मामले को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी
BRICS Summit से पहले दिल्ली की दीवारों पर लिखे गए विवादित नारों का मामला अब बड़ी सुरक्षा जांच में बदल गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटना के पीछे सिर्फ स्थानीय स्तर पर की गई योजना थी या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था।
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