संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही सदन में जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चर्चा के दौरान जवाब देने के लिए तैयार हैं।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए रिजिजू ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी और विस्तृत चर्चा का प्रस्ताव दिया है, इसलिए विपक्ष को हंगामा करने के बजाय गृह मंत्री का जवाब सुनना चाहिए।
‘सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार’
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार का रुख स्पष्ट है। वह छात्र आंदोलन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि जब सदन में चर्चा हो रही हो और गृह मंत्री उसका जवाब दे रहे हों, तब विपक्ष को हंगामा करके उनका बयान बाधित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए और इसके बाद विषय पर विस्तार से चर्चा की जानी चाहिए।
अमित शाह की गैर-मौजूदगी पर विपक्ष के सवाल
विपक्ष लंबे समय से संसद में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और उनके बयान को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आरोप है कि गृह मंत्री की गैर-मौजूदगी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
विपक्ष ने 20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शनकारियों के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान की मांग
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष की मुख्य मांग छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और बर्बरता को लेकर गृह मंत्री के बयान से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को अभी तक इस बात पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला है कि गृह मंत्री छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कथित बर्बरता के मुद्दे पर सदन में क्या कहेंगे। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्टता की मांग की।
राम मंदिर ट्रस्ट पर भी बहस की मांग
विपक्ष की ओर से अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के मुद्दे पर भी संसद में चर्चा की मांग की गई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इस विषय पर बहस के लिए तैयार है या नहीं।
INDIA गठबंधन ने किया प्रदर्शन
इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन के दल विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समर्थन में संसद में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को भी विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक गृह मंत्री संबंधित मुद्दों पर सदन में जवाब नहीं देते, तब तक गतिरोध खत्म होने की संभावना कम है।
प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जब तक अमित शाह सदन में जवाब नहीं देते, तब तक संसद में गतिरोध बना रहेगा। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इसी रुख को दोहराया है।
वहीं, सरकार का कहना है कि वह चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए, ताकि सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।
13 अगस्त को खत्म होगा मॉनसून सत्र
संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होना है। ऐसे में सत्र के अंतिम दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म कर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की चुनौती बनी हुई है।
अब देखना होगा कि सरकार की ओर से विस्तृत चर्चा और गृह मंत्री के जवाब के प्रस्ताव के बाद विपक्ष अपना विरोध समाप्त करता है या संसद में हंगामा और राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहता है।







