National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

वायुसेना प्रमुख आशुतोष दीक्षित का VAYU विजन, AI और ड्रोन से बढ़ेगी ताकत

a
admin
1 नवंबर 2026 | 12:54 pm IST
Featured Image

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया। कमान संभालने के बाद रविवार को अपने पहले संबोधन में उन्होंने देश की सुरक्षा चुनौतियों, आधुनिक युद्ध तकनीक और वायुसेना की भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की।

उन्होंने भारतीय वायुसेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए ‘VAYU’ विजन पेश किया। इसके तहत सतर्कता, आत्मनिर्भरता, नई तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया जाएगा।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पदभार संभालने के बाद रविवार को एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना के प्रमुख की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए गर्व की बात है।

इसके साथ ही उन्होंने निवर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान में भारतीय वायुसेना की सटीक और निर्णायक हवाई ताकत देखने को मिली।

ड्रोन और AI से बदल रहा युद्ध का तरीका

नए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत के सामने सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। इसके साथ ही युद्ध लड़ने का तरीका भी तेजी से बदल रहा है।

अब युद्ध में ड्रोन, लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियार, अंतरिक्ष तकनीक, साइबर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना को अगले दशक की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार करना होगा। वायुसेना को हर तरह की चुनौती का सामना करने और किसी भी परिस्थिति में जीत हासिल करने के लिए तैयार रहना होगा।

क्या है वायुसेना का नया ‘VAYU’ विजन?

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना की भविष्य की प्राथमिकताओं को ‘VAYU’ नाम दिया है। इसमें चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

V – Vigilance and Readiness (सतर्कता और तैयारी)

वायुसेना के प्रत्येक स्क्वाड्रन, रडार, हवाई रक्षा इकाई और जवान को हर समय किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। इसके साथ ही वायुसेना की स्वीकृत लड़ाकू क्षमता को फिर से बहाल करना भी प्राथमिकता होगी।

A – Aatmanirbharta (आत्मनिर्भरता)

इसके तहत स्वदेशी लड़ाकू विमानों और हथियारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें तेजस MK-1A, तेजस MK-2, AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट), स्वदेशी सेंसर और भारतीय हथियार शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “हम भारतीय समाधानों के साथ लड़ेंगे और उन्हें इतनी संख्या में तैनात करेंगे, जो लंबे अभियानों की जरूरतों को पूरा कर सके।”

Y – Yukti (नई सोच और तकनीक)

वायुसेना की कार्यप्रणाली, रणनीतियों और तकनीक में नए बदलाव किए जाएंगे। इसके तहत AI आधारित कमांड और कंट्रोल सिस्टम, ड्रोन से बचाव के लिए कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था और विमानों की तेजी से मरम्मत जैसी व्यवस्थाओं पर काम होगा।

इसके अलावा ‘नियर स्पेस’ यानी पृथ्वी के करीब अंतरिक्ष के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

U – Unity of Effort (मिलकर काम करना)

इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इसके तहत थल सेना, नौसेना और अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। इसके लिए JAI यानी जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और नवाचार के विचार को आगे बढ़ाया जाएगा।

जवानों और उनके परिवारों की भलाई भी प्राथमिकता

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु, नागरिक कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों का कल्याण भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने जवानों के प्रशिक्षण, मनोबल, सुरक्षा और सम्मान पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय वायुसेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। जब भी देश को उसकी जरूरत होगी, वायुसेना अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।